(www.arya-tv.com) बिजली संकट के दौरान सप्लाई की स्थिति जानने के लिए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने मंगलवार देर रात गोमती नगर विभूति खंड का दौरा किया। उन्होंने वहां लगे फीडर पर लोड के साथ सप्लाई रजिस्ट्रर की जांच की।
मंत्री ने बाहर नोटिस बोर्ड के पास अधिकारियों के नंबर भी चेक किए। दरअसल, सरकारी निर्देश है कि सभी उपकेंद्र पर जेई, एसडीओ, एक्सईएन और एसएसओ के नंबर लिखे जाएंगे। इससे कि उपभोक्ताओं को आसानी से नंबर उपलब्ध हो सके।
ऊर्जा मंत्री ने इस दौरान फीडर पर लोड देखने के साथ उसका विकल्प तैयार करने का निर्देश दिया। इससे कि उपभोक्ताओं को किसी तरह की कोई परेशानी न को। पिछले एक सप्ताह से उत्तर प्रदेश में बिजली समस्या बढ़ गई है। गांव और तहसील में जहां तय शेड्यूल से कम सप्लाई हो रही थी, वहीं शहर में ओवर लोड की वजह से फाल्ट की समस्या बढ़ गई थी। इसकी वजह से 3 से 5 घंटे तक सप्लाई बाधित रहती है।
गोमती नगर से 40 हजार उपभोक्ता
गोमती नगर डिवीजन लखनऊ में लेसा ट्रांस गोमती के सबसे बड़े डिवीजन में एक है। यहां से करीब 40 हजार उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई होती है। विभूति खंड उपकेंद्र कमर्शल और शहर के वीआईपी इलाकों में आता हैं। यहां से हाईकोर्ट परिसर, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, तमाम कॉर्पोरेट हाउस, वाणिज्य कर विभाग मुख्यालय, राज्य सूचना आयोग मुख्यालय, मंडी परिषद, हयात होटल, डूडा कार्यालय और उर्दू विभाग को बिजली दी जाती है। पिछले कुछ दिनों से गोमती नगर में भी फाल्ट बढ़ने लगा था, ऐसे में नाराज लोगों ने बिजली को लेकर ट्वीट कर शिकायत करना शुरू कर दिया था।
23 हजार मेगावाट पहुंच गई थी डिमांड
पिछले दिनों गर्मी बढ़ने के बाद से बिजली की डिमांड लगातार बढ़ने लगी थी। 30 अप्रैल को इस साल की सबसे ज्यादा डिमांड रही। यह 23 हजार मेगावाट तक पहुंच गई। सप्लाई महज 19 हजार 366 मेगावाट रही। यानी डिमांड और सप्लाई में 3 हजार 634 मेगावाट का अंतर था।
