नालंदा: सकरी नदी पर बने पुल के कई खंभे ढह गए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि सोमवार को पुल के कई खंभे टूटकर गिर गए। लगभग 10 साल पहले बना यह पुल नालंदा जिले के पूर्वी हिस्से को शेखपुरा जिले के पश्चिमी क्षेत्र से जोड़ता है। अधिकारियों ने बताया कि पुल पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया है और तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सहित घटना की जांच कर रही है।
पुल पर रोका गया यातायात
उप-मंडल अधिकारी (बिहारशरीफ) क्रिसलय श्रीवास्तव ने कहा, “निरीक्षण दल की पिछली रिपोर्ट मिलने के बाद सुरक्षा कारणों से पुल पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था।” उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी ने आगे कहा, “अगले एक-दो दिनों में नदी के रास्ते एक अस्थायी वैकल्पिक मार्ग बनाया जाएगा ताकि यातायात सुचारू रूप से चल सके।” बता दें कि बिहार में 2024 और 2025 के दौरान कई जिलों में बड़े और छोटे दोनों तरह के कई पुल ढह गए, जिससे बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु टूटकर गिरा
इससे पहले भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा भी टूट गया था। हालांकि इस घटना में कोई हताहत या घायल नहीं हुआ। यह पुल 4.7 किलोमीटर लंबा है। विक्रमशिला सेतु बिहार के भागलपुर और नवगछिया को जोड़ता है। घटना के बाद से भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने बताया, “रात करीब 12:50 बजे विक्रमशिला सेतु के पिलर संख्या 133 के पास दो स्लैब के बीच दरार बन गयी। इसके कुछ ही देर बाद एक बड़ा स्लैब नदी में गिर गया।” वहीं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी भागलपुर जिले में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को 3 महीने के भीतर इसे दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
