- मुख्यमंत्री ने दिया शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन
- होमबायर्स, आवंटियों और भू-स्वामियों के अधिकारों की रक्षा का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया
लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर सुशांत गोल्फ सिटी समेत सुल्तानपुर रोड स्थित अंसल एपीआई की टाउनशिप से जुड़े हजारों परिवारों के हितों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने होमबायर्स, आवंटियों, भू-स्वामियों और निवेशकों के अधिकारों की रक्षा के साथ अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने तथा टाउनशिप का समुचित विकास सुनिश्चित करने की मांग की।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री के समक्ष अंसल एपीआई परियोजना से प्रभावित होमबायर्स के हित में राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण में विचाराधीन मामले में एलडीए की ओर से प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने और परियोजना को अपने नियंत्रण में लेकर लंबित विकास कार्य पूरे कराने का अनुरोध किया। उन्होंने सड़क, सीवर, जलापूर्ति, विद्युत, जल निकासी, पार्क और अन्य सामुदायिक सुविधाओं के अधूरे कार्य प्राथमिकता से पूरा कराने की आवश्यकता बताई।
- 10 हजार से अधिक परिवारों की निर्बाध बिजली आपूर्ति का मुद्दा
डॉ. राजेश्वर सिंह ने सुशांत गोल्फ सिटी के 10 हजार से अधिक परिवारों के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु विद्युत भार 10 एमवीए से बढ़ाकर 23 एमवीए करने तथा 8.28 करोड़ रुपये के विलंब अधिभार को माफ करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि बिजली की पर्याप्त आपूर्ति हजारों परिवारों के दैनिक जीवन और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
- मुख्यमंत्री ने दिया सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विषयों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और तत्परता के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हजारों परिवारों के घर, उनकी जीवनभर की पूंजी और अधिकारों की रक्षा के लिए उनका प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि जनहित के विषयों पर मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता, समस्या को गंभीरता से सुनना और समाधान के लिए त्वरित निर्णय लेना ही ‘योगी मॉडल’ की पहचान है। उन्होंने कहा कि सरोजनीनगर परिवार के प्रत्येक नागरिक के अधिकार, सम्मान, सुविधा और सुरक्षित भविष्य की रक्षा के लिए वह पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेंगे।
