- आपत्ति के समाधान के साथ राजस्व वसूली में भी तेजी, करदाताओं को कार्यालयों के चक्कर से राहत
लखनऊ। नगर निगम लखनऊ की एकमुश्त समाधान योजना के तहत संपत्ति कर से जुड़ी आपत्तियों के निस्तारण में जोन-8 तेजी से आगे बढ़ रहा है। जोन-8 में अब तक ओटीएस के तहत अभी तक प्राप्त 65 आवेदनों में से 55 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। शेष मामलों को भी जल्द से जल्द निस्तारित करने की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश में बकाया संपत्ति कर के समाधान के लिए ओटीएस योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक लागू है। योजना के तहत पात्र करदाताओं को बकाया संपत्ति कर जमा करने में राहत दी जा रही है।
- आवेदन मिलते ही राजस्व निरीक्षक को भेजे जा रहे प्रकरण
जोनल अधिकारी डॉ. आशीष ने बताया कि नगर आयुक्त गौरव कुमार और महापौर सुषमा खर्कवाल के आदेश के क्रम में जोन-8 में करदाताओं की ओर से प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जा रहा है। अधिकतर मामलों में आवेदक का प्रार्थना पत्र प्राप्त होते ही संबंधित राजस्व निरीक्षक को भेज दिया जाता है, जिससे मौके पर जांच और आवश्यक कार्रवाई के बाद प्रकरण का शीघ्र समाधान कराया जा सके।
- जनता का समय बचा, राजस्व वसूली को भी मिला लाभ
वहीं कर अधीक्षक सुमित अवस्थी ने बताया कि इस व्यवस्था से करदाताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है। साथ ही लंबित कर संबंधी प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण से नगर निगम की राजस्व वसूली में भी तेजी आ रही है। नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर गृहकर संबंधी सेवाओं में कर की जानकारी, भुगतान और अन्य सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

- आपत्ति वाले करदाता उठा सकते हैं योजना का लाभ
ओटीएस का उद्देश्य पुराने बकाया संपत्ति कर से जुड़े मामलों का समाधान कर करदाताओं को राहत देना और नगर निकायों की राजस्व वसूली को मजबूत करना है। ऐसे करदाता जिनके संपत्ति कर से संबंधित प्रकरण या आपत्तियां लंबित हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अपने मामले का निस्तारण करा सकते हैं। जोन-8 में 65 में से 55 आवेदनों का निस्तारण इस बात का संकेत है कि शिकायतों और आपत्तियों के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है।
