केंद्रीय कारागार से फरार हुए दिनेश बीते दो माह पहले बिजनौर से बरेली जेल भेजा गया था। इस दो माह में न तो उससे कोई मुलाकात करने आया और न ही उसने किसी से फोन पर बात की। वहीं फरार दिनेश को तलाश करने के लिए जेल पुलिस और सिविल पुलिस की आठ टीमें लगाई है। वहीं अब तक सात लोगों को दोषी मानते हुए निलंबित की कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है।
सोमवार की दोपहर केंद्रीय कारागार के बाहर कृषि भूमि में काम करने के दौरान उम्रकैद की सजा काट रहा दिनेश पुत्र अरविंद निवासी नेनेडा राजपूत, थाना डिडौली जिला अमरोहा सुरक्षाकर्मियों को गुमराह कर फरार हो गया। दिनेश 19 अप्रैल को केंद्रीय कारागार बरेली लाया गया था। सूत्रों के मुताबिक इन दो महीनों में न तो कोई दिनेश से मुलाकात करने आया और न ही उसने इस बीच किसी अपने से फोन पर बात की।
सोमवार को दिनेश दो माह में पहली बार केंद्रीय कारागार से बाहर लाया गया था। पहली बार में ही वह सुरक्षाकर्मियों को धोखा देकर मौके से फरार हो गया। वहीं पुलिस और केंद्रीय कारागार की चार चार टीमें दिनेश की तलाश में लगाई गई है। वह उसके परिजन समेत हर रिश्तेदार पर नजर बनाए हुए है। हालांकि देर रात तक दिनेश के बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं मिल सकी थी। वहीं दिनेश के फरार होने के मामले में दोषी पाए गए केंद्रीय कारागार के सात कर्मचारियों को अब तक निलंंबित किया गया है। इसके साथ ही कुछ अन्य लोगों की भी भूमिका की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि अन्य अफसरों पर भी गाज गिर सकती है।
अमरोहा- बिजनौर पहुंची पुलिस टीमें
दिनेश की तलाश में केंद्रीय कारागार समेत पुलिस टीमे उसे अमरोहा और बिजनौर में तलाश रही है। माना जा रहा है कि वह जेल से भागकर अमरोहा और बिजनौर में अपने किसी रिश्तेदार के यहां पर जा सकता है। पुलिस उसकी तलाश में वहां डेरा डाले हुए है।पुलिस की टीमें फरार दिनेश की तलाश कर रही है। कई जगहों के सीसीटीवी भी तलाशे जा रहे है। सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है।
