- राज एस्टेट पब्लिक स्कूल में 44वीं स्मार्ट कक्षा का लोकार्पण, डिजिटल शिक्षा को बताया विकसित भारत की मजबूत नींव
लखनऊ। सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने पारा स्थित राज एस्टेट पब्लिक स्कूल में एसोसिएशन ऑफ 41 क्लब्स ऑफ इंडिया एवं क्लब 95 लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “फ्रीडम थ्रू डिजिटल एजुकेशन” कार्यक्रम के अंतर्गत 44वीं अत्याधुनिक स्मार्ट कक्षा का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

- स्मार्ट कक्षाएँ ही भविष्य की शिक्षा का आधार
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल भवन बनाने से नहीं, बल्कि शिक्षित, संस्कारित, चरित्रवान और तकनीकी रूप से दक्ष नागरिक तैयार करने से होता है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कक्षाएँ बच्चों में रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक क्षमता और समस्या समाधान की योग्यता विकसित करती हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के लिए तैयार करना है।

- डिजिटल रूप से सक्षम भारत बने राष्ट्रीय मिशन
उन्होंने वर्ष 2030 तक प्रत्येक विद्यालय में शत-प्रतिशत ब्रॉडबैंड सुविधा, देश की 95 प्रतिशत आबादी तक इंटरनेट की पहुँच, कक्षा छह से कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं संगणकीय प्रोग्रामिंग की शिक्षा, प्रत्येक माध्यमिक विद्यार्थी को डिजिटल अध्ययन उपकरण तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा अब विकल्प नहीं, बल्कि विकसित भारत की अनिवार्य आवश्यकता है।
- सरोजनीनगर में डिजिटल शिक्षा का लगातार विस्तार
डॉ. सिंह ने बताया कि जुलाई 2022 से चलाए जा रहे डिजिटल पुस्तकालय एवं स्मार्ट कक्षा अभियान के अंतर्गत अब तक 37 विद्यालयों में 450 से अधिक कंप्यूटर उपलब्ध कराकर डिजिटल प्रयोगशालाएँ स्थापित की जा चुकी हैं। इसके साथ ही कुल 44 अत्याधुनिक स्मार्ट कक्षाएँ समर्पित की जा चुकी हैं। साथ ही 2,000 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए गए हैं, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभा की प्रगति में बाधा न बने।
- डिजिटल सशक्तिकरण से रोजगार के नए अवसर
उन्होंने बताया कि 15 आरबीएस डिजिटल सशक्तिकरण केंद्रों के माध्यम से 1,000 से अधिक विद्यार्थियों को डिजिटल कौशल का प्रशिक्षण तथा 8,000 से अधिक नागरिकों को निःशुल्क ई-शासन सेवाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इन केंद्रों पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, ग्राफिक डिज़ाइन, वीडियो संपादन, कार्यालयी कंप्यूटर संचालन सहित विभिन्न रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- विद्यार्थियों को दिया नवाचार और सीखने का संदेश
कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेश्वर सिंह ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें जिज्ञासु बनने, नई तकनीकों को अपनाने और ज्ञान को राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है तो प्रत्येक बच्चे को विश्वस्तरीय डिजिटल शिक्षा उपलब्ध करानी होगी।
- ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में रामेश्वर सिंह, राज बाबू रस्तोगी, आकांक्षा रस्तोगी, प्रियंका भारद्वाज, भूपिंदर सिंह, मनीष टंडन, रजनीश सेठी, विवेक जायसवाल, नीलम कोहली, डॉ. अनुराग देवान सहित अनेक शिक्षाविद्, गणमान्य अतिथि और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
