उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी तैयारियां तेज करने के संकेत दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बसपा सुप्रीमो मायावती 6 दिसंबर को लखनऊ के रमाबाई आंबेडकर रैली स्थल से चुनावी बिगुल फूंक सकती हैं। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर पार्टी यहां बड़ी रैली या जनसभा आयोजित करने की तैयारी में जुटी बताई जा रही है।
दरअसल, लखनऊ स्थित रमाबाई आंबेडकर रैली स्थल पर 5 और 6 दिसंबर के लिए बुकिंग कराई गई है। इसी के बाद बसपा के बड़े राजनीतिक आयोजन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से रैली को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
16 साल बाद रमाबाई मैदान से शक्ति प्रदर्शन की तैयारी?
इस संभावित आयोजन को बसपा के लिए राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2010 के बाद पहली बार रमाबाई आंबेडकर रैली स्थल पर पार्टी का कोई बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम हो सकता है। अगर यह आयोजन होता है तो करीब 16 साल बाद बसपा इसी मैदान से अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन कर सकती है। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले इस रैली को पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने और प्रदेश की राजनीति में अपनी सक्रियता का संदेश देने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
5 नवंबर की बैठक पर टिकी निगाहें
रैली की तैयारियों को लेकर बसपा की प्रदेश इकाई की 5 नवंबर को होने वाली बैठक भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक में प्रस्तावित आयोजन की रूपरेखा, तैयारियों और आगे की रणनीति पर चर्चा हो सकती है। बैठक के बाद रैली को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। फिलहाल रमाबाई आंबेडकर रैली स्थल की बुकिंग ने प्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। अब सबकी निगाहें बसपा नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं कि मायावती 6 दिसंबर को इस ऐतिहासिक मैदान से 2027 के चुनावी अभियान का आगाज करती हैं या नहीं।
