कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के क्षेत्र में किए गए शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। बरेली कॉलेज के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के शिक्षक डॉ. योगेश शर्मा को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित 14वें आईएलआईएस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में बेस्ट पेपर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें यह पुरस्कार शैक्षणिक पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में उनकी भूमिका पर आधारित शोध-पत्र के लिए मिला।
30 अक्टूबर से एक नवंबर तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में डॉ. योगेश शर्मा और सीमा मिश्रा ने संयुक्त रूप से शोध-पत्र प्रस्तुत किया। इसका विषय ‘सतत शैक्षणिक पुस्तकालयों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं भारतीय ज्ञान प्रणाली : विकसित भारत-2047 की दिशा में एक अध्ययन’ था।
शोध-पत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और भारतीय ज्ञान प्रणाली के आपसी समन्वय का विश्लेषण किया गया। इसमें बताया गया कि इन तीनों के प्रभावी उपयोग से शैक्षणिक पुस्तकालयों को आधुनिक और अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है। साथ ही विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में पुस्तकालयों की भूमिका को भी रेखांकित किया गया।
डॉ. योगेश शर्मा की इस उपलब्धि पर बरेली कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने उन्हें बधाई दी। कॉलेज के लिए इसे शैक्षणिक और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
