उत्तर प्रदेश में भाजपा की आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति को लेकर शुक्रवार को होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मंथन होगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह बैठक का उद्घाटन करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समापन करेंगे। बैठक में संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा, केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा आगामी कार्ययोजना पर चर्चा होगी।
गुरुवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में कार्यसमिति के एजेंडे, प्रमुख विषयों और आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि ‘जहां कम, वहां हम’ के आधार पर काम करते हुए कार्यसमिति को सुव्यवस्थित बनाना है। उन्होंने पंजीकरण, भोजन, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदारियां तय कर काम करने के निर्देश दिए।
बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव के माध्यम से भाजपा अपने संगठनात्मक कार्यों, केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं, ऐतिहासिक निर्णयों तथा सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के कार्यों को प्रस्तुत करेगी। इसके साथ पार्टी अपना आगामी एजेंडा भी घोषित करेगी। बैठक में प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह, प्रदेश सहप्रभारी मेधा कुलकर्णी, अनंत ओझा और प्रदीप वर्मा भी मौजूद रहे।
संगठनात्मक कामकाज की होगी समीक्षा
प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश कार्यसमिति संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा और आगामी कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने बैठक को अनुशासित, व्यवस्थित और संदेशपरक बनाने के लिए माइक्रोमैनेजमेंट तथा टीम वर्क पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यसमिति का संदेश पूरे प्रदेश में जाना चाहिए।
वरिष्ठ नेताओं की रहेगी मौजूदगी
लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में होने वाली बैठक में प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, सहप्रभारी जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, अनंत ओझा और प्रदीप वर्मा के साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक भी शामिल होंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारी, सांसद, विधायक, एमएलसी, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी, क्षेत्रीय व जिला संगठन के पदाधिकारी, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष और विभिन्न मोर्चों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
