- जाति-धर्म से ऊपर उठकर शिक्षा, रोजगार और जनकल्याण को बनाएं चुनाव का आधार, शत-प्रतिशत मतदान से लोकतंत्र को करें मजबूत
लखनऊ। सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन के मद्देनजर एसकेडी डिग्री कॉलेज में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों के साथ संवाद कर मतदाता जागरूकता, लोकतांत्रिक सहभागिता और प्रदेश के विकास में शिक्षित समाज की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन केवल प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह तय करने का महत्वपूर्ण अवसर है कि शिक्षक और उच्च शिक्षित वर्ग प्रदेश के भविष्य के लिए किस सोच और नेतृत्व के साथ खड़ा है। उन्होंने मतदाताओं से शत-प्रतिशत मतदान करने तथा जाति-धर्म से ऊपर उठकर शिक्षा, रोजगार, विकास और जनकल्याण को चुनाव का आधार बनाने का आह्वान किया।

- शिक्षक और स्नातक मतदाता शत-प्रतिशत मतदान कर समाज को दें संदेश
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि शिक्षक और स्नातक समाज बौद्धिक चेतना तथा सामाजिक नेतृत्व का महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी केवल स्वयं मतदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य मतदाताओं को भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में शिक्षित वर्ग की सहभागिता प्रदेश के भविष्य के प्रति उसकी सोच और जिम्मेदारी को प्रदर्शित करेगी। जागरूक मतदाता ही लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- जातिगत विभाजन नहीं, शिक्षा और रोजगार हों प्राथमिकता
विधायक ने कहा कि राजनीति का उद्देश्य समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटना नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और जनकल्याण के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए। युवाओं को जातिगत विभाजन और अन्य भटकावों में अपना बहुमूल्य समय गंवाने के बजाय शिक्षा, कौशल विकास और करियर निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से कक्षा 12वीं से लेकर स्नातक और परास्नातक तक के समय का सदुपयोग करने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगारपरक कौशल विकसित करने का आह्वान किया।
- विधान परिषद में विकासोन्मुखी सोच का बहुमत आवश्यक
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि विधान परिषद प्रदेश की विधायी व्यवस्था का महत्वपूर्ण सदन है। प्रदेश में विकास कार्यों और जनहित की नीतियों की निरंतरता बनाए रखने के लिए विधान परिषद में विकासोन्मुखी सोच का बहुमत आवश्यक है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश 11.3 प्रतिशत की विकास दर के साथ देश के सबसे तेज गति से बढ़ते राज्यों में शामिल है। एक्सप्रेसवे, मेट्रो, हवाई अड्डों, अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों का विस्तार प्रदेश की विकास यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर मार्गदर्शन और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
- मां दुर्गा के संदेश से जोड़ा जागरूक समाज और लोकतंत्र का महत्व
शारदीय नवरात्र का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि मां दुर्गा द्वारा महिषासुर का संहार अन्याय और बुराई के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है। इसी प्रकार समाज और लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए जागरूक नागरिकों तथा जिम्मेदार शिक्षण संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षा जगत से जुड़े लोगों को लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और सकारात्मक बदलाव के लिए आगे आना चाहिए।
- शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों ने संवाद में रखे विचार
बैठक में एसकेडी ग्रुप के निदेशक एवं अध्यक्ष मनीष सिंह, सेंट जोसेफ ग्रुप ऑफ एजुकेशन के अनिल अग्रवाल, मॉडर्न एकेडमी के राजीव तुली, विवेकानंद महिला महाविद्यालय की डॉ. कविता सिंह, पायनियर स्कूल की शर्मिला सिंह, सर्वांगीण विकास इंटर कॉलेज के सेवकराम कनौजिया, जयपुरिया स्कूल के अनुज अवस्थी, जी.डी. गोयनका स्कूल के अविनाश, अवध कॉलिजिएट के जितेंद्र वालिया, गौतम बुद्ध डिग्री कॉलेज की डॉ. रश्मि सिंह, मां भगवती इंटर कॉलेज के शशांक सिंह, एसबीएन इंटर कॉलेज के अमोद सिंह और न्यू पब्लिक इंटर कॉलेज के गोपाल मिश्रा सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रतिनिधियों ने शिक्षा, सामाजिक उत्तरदायित्व और लोकतांत्रिक चेतना से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।
- सरोजनीनगर के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क, मां नव दुर्गा के किए दर्शन
इससे पहले डॉ. राजेश्वर सिंह ने सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के फूलचंद्र नगर, सैनी मार्केट और रॉयल सिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया। बिजनौर स्थित श्री श्री सिद्ध पीठ नव दुर्गा माता मंदिर में आयोजित प्रथम विशाल मां भगवती जागरण में शामिल होकर उन्होंने मां नव दुर्गा के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने समाज में सकारात्मक सोच, शिक्षा, रोजगार और जनकल्याण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
