बरेली दंगा कांड: 102वें आरोपी मोबीन बेग के सनसनीखेज खुलासे, हिंसा के लिए रची गई थी खतरनाक साजिश

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बरेलीः 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल की जांच में पुलिस ने 102वें आरोपी मोबीन बेग को गिरफ्तार किया है। कैंट पुलिस ने उसे फरीदापुर चौधरी स्थित उसके घर से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में मोबीन ने हिंसा से पहले हुई बैठक और उपद्रव की कथित रणनीति को लेकर कई अहम जानकारियां दी हैं। इनमें घटना के दिन मोबाइल फोन साथ न ले जाने की योजना भी शामिल है।

हिंसा से पहले बैठक, फिर इस्लामिया ग्राउंड पहुंचने की अपील

पुलिस के अनुसार, मोबीन बेग ने बताया कि बवाल से पहले 19 सितंबर को फरीदापुर चौधरी में बैठक हुई थी। शुरुआत में बैठक पार्षद नासिर खान के घर पर हुई, लेकिन भीड़ बढ़ने पर इसे पास के बेग बरातघर में स्थानांतरित कर दिया गया।

पूछताछ में सामने आए कथित बयानों के मुताबिक, बैठक में मौलाना तौकीर रजा ने सरकार पर भेदभाव करने और देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश का आरोप लगाया था। पुलिस का दावा है कि बैठक में जुमे की नमाज के बाद इस्लामिया ग्राउंड पहुंचने की अपील की गई थी। पुलिस के रोकने पर भी पीछे नहीं हटने की बात भी कही गई थी।

मोबाइल फोन से दूरी, ताकि न मिले लोकेशन का सुराग

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मोबीन ने बताया कि घटना के दिन उपद्रव में शामिल लोगों को मोबाइल फोन साथ नहीं लाने के लिए कहा गया था। कथित तौर पर इसके पीछे पुलिस की सर्विलांस जांच और मोबाइल टावर के डाटा से लोकेशन का पता लगाने से बचना मकसद था। पुलिस अब इस बयान की जांच कर रही है।

अब तक 102 आरोपी गिरफ्तार

सीओ प्रथम आशुतोष शिवम के अनुसार, 26 सितंबर को हुए बवाल के मामले में मौलाना तौकीर रजा समेत 29 नामजद आरोपी हैं। पुलिस अब तक 102 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य आरोपियों की तलाश में सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद ली जा रही है।

19 सितंबर की बैठक पर फोकस

पुलिस जांच में फरीदापुर चौधरी में हुई कथित बैठक अहम कड़ी मानी जा रही है। जांचकर्ता बैठक में शामिल लोगों और वहां हुई बातचीत से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रहे हैं।

जांच के दायरे में डिजिटल साक्ष्य

मोबाइल फोन साथ न लाने की कथित योजना के बावजूद पुलिस सीसीटीवी फुटेज, अन्य तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।