नई दिल्ली। शारदीय नवरात्रि आते ही देशभर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगती है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। उत्तर प्रदेश में भी कई ऐसे प्रसिद्ध देवी मंदिर और शक्तिधाम हैं, जिनसे जुड़ी पौराणिक मान्यताएं भक्तों की आस्था का केंद्र हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता सती के शरीर के अंग या आभूषण जहां-जहां गिरे, वे स्थान शक्तिपीठ कहलाए। काशी, प्रयागराज, चित्रकूट, वृंदावन और बलरामपुर के प्रसिद्ध देवी मंदिर नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से चर्चा में रहते हैं। आइए जानते हैं इन प्रमुख धामों से जुड़ी मान्यताओं के बारे में।
1. काशी का मां विशालाक्षी मंदिर
वाराणसी को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है। यहां मणिकर्णिका घाट के पास स्थित मां विशालाक्षी मंदिर देवी उपासना के प्रमुख केंद्रों में शामिल है। धार्मिक परंपरा में इसे शक्तिपीठ के रूप में विशेष महत्व प्राप्त है।
मान्यता है कि माता सती के कुंडल या मणिकर्णिका से जुड़ी पौराणिक घटना के कारण इस स्थान का महत्व बढ़ा। मां विशालाक्षी को देवी शक्ति के स्वरूप में पूजा जाता है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
2. प्रयागराज के मां ललिता, कल्याणी और अलोपी देवी मंदिर
प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम का विशेष धार्मिक महत्व है। यहां स्थित मां ललिता देवी मंदिर प्रसिद्ध देवी धामों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस स्थान पर माता सती की अंगुली गिरी थी।
इसके अलावा मां कल्याणी देवी और मां अलोपी देवी के मंदिर भी प्रयागराज में श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। नवरात्रि में इन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है और भक्त परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ माता के दर्शन करते हैं।
3. चित्रकूट का मां शिवानी धाम
चित्रकूट भगवान श्रीराम से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के कारण प्रसिद्ध है। यहां रामगिरि क्षेत्र में स्थित देवी धाम को लेकर मान्यता है कि माता सती का वक्ष यहां गिरा था। इस स्थान पर देवी को मां शिवानी के स्वरूप में भी पूजा जाता है।
नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालु यहां दर्शन करने पहुंचते हैं और सुख-शांति तथा मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। चित्रकूट की धार्मिक पहचान में देवी उपासना का भी महत्वपूर्ण स्थान है।
4. वृंदावन का मां कात्यायनी मंदिर
भगवान श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन में मां कात्यायनी का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। यह देवी उपासना के प्रमुख स्थलों में शामिल है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस स्थान पर माता सती के केश या चूड़ामणि गिरे थे।
नवरात्रि के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। भक्त मां कात्यायनी की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में मंगल की कामना करते हैं। वृंदावन में कृष्ण भक्ति के साथ देवी आराधना की परंपरा भी विशेष महत्व रखती है।
5. बलरामपुर का देवीपाटन मंदिर
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के तुलसीपुर में स्थित देवीपाटन मंदिर मां पाटेश्वरी को समर्पित है। भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित यह मंदिर क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में गिना जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस स्थान पर माता सती का स्कंध यानी कंधा गिरा था। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
नवरात्रि में क्यों खास हैं ये देवी धाम?
नवरात्रि देवी शक्ति की उपासना का प्रमुख पर्व है। इन नौ दिनों में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और मंदिरों में दर्शन के लिए जाते हैं। उत्तर प्रदेश के ये प्रसिद्ध देवी धाम धार्मिक आस्था, पौराणिक परंपराओं और स्थानीय संस्कृति से जुड़े हुए हैं। यदि आप नवरात्रि में किसी मंदिर के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा से पहले मंदिर के दर्शन समय, विशेष पूजा और भीड़ से जुड़ी जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
