नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सेवा संकल्प यात्रा में शामिल लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने सेवा को जीवन और राष्ट्र निर्माण का प्रमुख माध्यम बताते हुए युवाओं से सेवा भाव के साथ काम करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा करते हुए ही सेवा का संदेश देना है, इसके लिए उपदेश देने की जरूरत नहीं है।
‘सेवा यात्रियों’ को नमन कर पुण्य का आधा हिस्सा चुराने की कही बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक पुरानी कहावत है कि जब कोई व्यक्ति यात्रा से लौटता है और उसे प्रणाम किया जाता है तो यात्रा से मिले पुण्य का आधा हिस्सा प्रणाम करने वाले को भी मिल जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘आज इन सभी सेवा यात्रियों को नमन करके मैं भी उस पुण्य का आधा हिस्सा चुरा रहा हूं।’’
पीएम मोदी ने सेवा यात्रा में शामिल सभी साथियों से अपना ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सेवा ही हमारा मुख्य कार्य होना चाहिए और सेवा करते-करते ही सेवा का संदेश देना है। कोई उपदेश देने की जरूरत नहीं है। हमारे आचरण से लोगों को पता चलना चाहिए कि राजनीति में सत्ता कितनी ही बड़ी क्यों न हो जाए, हमारा मार्ग सेवा का ही रहेगा।
‘सेवा परमो धर्म:’ के भाव से आगे बढ़ने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने कहा कि कितने ही ऊंचे शिखर पर पहुंच जाएं, लेकिन ‘सेवा परमो धर्म:’ के भाव को लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा के रास्ते से कभी विचलित नहीं होना है।
उन्होंने सेवा संकल्प यात्रा और इससे जुड़े युवा साथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि वडनगर और वाराणसी दोनों ही पुरातन और ऐतिहासिक शहर हैं। दोनों शहर हजारों वर्षों से जीवंत हैं। उन्होंने कहा कि वडनगर उनकी जन्मभूमि है, जबकि काशी उनकी कर्मभूमि है। काशी में बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद है और वडनगर हाटकेश्वर महादेव के आशीष की भूमि है।
वडनगर से वाराणसी तक सेवा अभियान
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा के तहत वडनगर से वाराणसी की ओर बढ़ रहे युवा दोनों शहरों के बीच सेवा का बड़ा अभियान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा में शामिल कुछ साथियों से उन्हें बातचीत करने का अवसर मिला और उनके अनुभव सुनकर ऐसा लगा जैसे वह भी उनके साथ चल रहे हों।
पीएम मोदी ने कहा कि जब सेवाभाव से काम किया जाता है तो करोड़ों जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज मिलता है। सेवा के भाव से ही आयुष्मान योजना जैसी पहल जन्म लेती है। उन्होंने कहा कि यात्रा में शामिल लोगों ने रास्ते भर देखा होगा कि सेवा के कामों को किस तरह आगे बढ़ाया गया है।
‘राजनीति और चुनाव अपनी जगह, राष्ट्र निर्माण हमारा लक्ष्य’
प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है और चुनाव अपनी जगह, जबकि शासन व्यवस्था की अपनी भूमिका है। लेकिन हम राष्ट्र निर्माण के लिए निकले हुए लोग हैं और विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाशक्ति की बहुत बड़ी भूमिका है। इस भूमिका को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है।
युवाओं को देश को करीब से समझने की जरूरत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी विकसित भारत की निर्माता भी है और यही पीढ़ी उसकी बड़ी लाभार्थी भी होगी। इस दायित्व को निभाने के लिए युवाओं का भारत को जमीन पर जानना और समझना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को देश की बारीकियों को अनुभव करना चाहिए, अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों के लोगों से मिलना चाहिए। उनके सपनों, आकांक्षाओं और समस्याओं को समझना भी जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा निश्चित रूप से युवाओं के जीवन में अहम भूमिका निभाने वाली है।
