डॉ.राजेश्वर सिंह ने 8 सामुदायिक सौर संयंत्र, 3,000 से अधिक सोलर स्ट्रीट लाइट और 7 EV चार्जिंग स्टेशन से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया

Lucknow
  • 60 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता से ‘नेट जीरो सरोजनीनगर’ की ओर बढ़ा कदम
  • 8 सामुदायिक सौर संयंत्र, 3,000 से अधिक सोलर स्ट्रीट लाइट और 7 EV चार्जिंग स्टेशन से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा

लखनऊ, 18 सितंबर। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र को सुरक्षित, प्रकाशमान, ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में ‘नेट जीरो सरोजनीनगर’ की परिकल्पना को आगे बढ़ाया जा रहा है। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में सौर ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, कार्बन उत्सर्जन में कमी, जल संरक्षण, हरित क्षेत्र और जनभागीदारी को विकास की योजनाओं से जोड़कर सतत विकास की दिशा में पहल की जा रही है। सरोजनीनगर में 60 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता विकसित की जा चुकी है। इसके अलावा ₹1.64 करोड़ की लागत से 8 RWA में सामुदायिक सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जबकि ₹25.18 लाख की लागत से जोनल पार्क में सोलर पावर प्लांट लगाया गया है। क्षेत्र में 3,000 से अधिक सोलर स्ट्रीट लाइट और 200 से अधिक सौर स्ट्रीट मास्ट लगाए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों, संपर्क मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था को मजबूती मिली है।

  • सौर ऊर्जा के साथ ई-मोबिलिटी को भी मिल रहा बढ़ावा

स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के साथ पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र में 5 सोलर ट्री और 7 EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। सौर आधारित प्रकाश व्यवस्था से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा बचत को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि ‘नेट जीरो सरोजनीनगर’ केवल पर्यावरणीय अभियान नहीं, बल्कि भविष्य के सरोजनीनगर के लिए दीर्घकालिक विकास दृष्टि है। उनका कहना है कि बेहतर सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था सुविधा के साथ सुरक्षा का भी आधार है और पर्याप्त रोशनी से महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों तथा देर शाम आवागमन करने वाले लोगों के लिए सार्वजनिक स्थान अधिक सुगम और सुरक्षित बनते हैं।

  • ₹9 करोड़ से तीन तालाबों का विकास, 1,400 पौधों का वितरण

नेट जीरो अभियान में जल संरक्षण और हरित विकास को भी प्रमुखता दी गई है। इसके तहत ₹9 करोड़ की लागत से 3 तालाबों के विकास के माध्यम से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ वृक्षारोपण, वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से 1,400 पौधों का वितरण भी किया गया है, जिससे लोगों को पौधरोपण के साथ उनके संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि नेट जीरो का अर्थ केवल अधिक से अधिक पेड़ लगाना नहीं, बल्कि ऊर्जा खपत से होने वाले उत्सर्जन को कम करना, जल और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा विकास को पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। उन्होंने नागरिकों से ऊर्जा और जल की बचत, एकल उपयोग प्लास्टिक के कम इस्तेमाल, कचरे के उचित प्रबंधन और पौधों के संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। भारत ने वर्ष 2070 तक शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसी व्यापक दृष्टि के अनुरूप सरोजनीनगर में सौर ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देते हुए ‘नेट जीरो सरोजनीनगर’ की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।