- CEIR, NCRB और पुलिस डेटाबेस के एकीकरण का सुझाव
लखनऊ। सरोजिनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Ashwini Vaishnaw को पत्र लिखकर देश में चोरी हुए मोबाइल फोन को पूरी तरह अनुपयोगी बनाने के लिए अधिक प्रभावी और सशक्त राष्ट्रीय तंत्र विकसित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए CEIR, NCRB और राज्य पुलिस के डेटाबेस के बेहतर एकीकरण पर जोर दिया है।
- डिजिटल इंडिया और CEIR पहल की सराहना
अपने पत्र में डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया को सशक्त बनाने तथा संचार साथी और CEIR जैसी पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं ने खोए अथवा चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने, ट्रेस करने और बरामद करने में नागरिकों की महत्वपूर्ण सहायता की है।
- मोबाइल चोरी से बढ़ रहे साइबर और वित्तीय खतरे
डॉ. सिंह ने कहा कि मोबाइल फोन चोरी की घटनाएं नागरिकों की गोपनीयता, बैंकिंग सेवाओं, यूपीआई खातों, व्यक्तिगत डेटा और डिजिटल पहचान के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। उन्होंने बताया कि CEIR के माध्यम से देशभर में 50 लाख से अधिक मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक किए जा चुके हैं, जिनमें 31 लाख से अधिक ट्रेस तथा 10 लाख से अधिक बरामद किए गए हैं।
- राष्ट्रीय डेटाबेस और IMEI सत्यापन की वकालत
डॉ. राजेश्वर सिंह ने सुझाव दिया कि CEIR, NCRB और राज्य पुलिस के एफआईआर डेटाबेस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि चोरी की रिपोर्ट दर्ज होते ही संबंधित मोबाइल राष्ट्रीय स्तर पर चिन्हित किया जा सके। उन्होंने चोरी हुए मोबाइल फोन का एक समर्पित राष्ट्रीय डेटाबेस विकसित करने की भी मांग की।
पत्र में यह भी सुझाव दिया गया है कि सत्यापित चोरी हुए मोबाइल फोन का डेटा सुरक्षित प्रणाली के माध्यम से प्रमुख मोबाइल निर्माताओं और तकनीकी कंपनियों के साथ साझा किया जाए, जिससे ऐसे उपकरणों की एक्टिवेशन, पुनर्विक्रय, सर्विसिंग और पुनः उपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। साथ ही सेकंड-हैंड मोबाइल विक्रेताओं, रिपेयर केंद्रों और ऑनलाइन मार्केटप्लेस में IMEI सत्यापन को अनिवार्य या प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई गई है।
- मोबाइल चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने की पहल
डॉ. सिंह ने कहा कि लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए कि चोरी हुआ मोबाइल फोन पूरी तरह अनुपयोगी और व्यावसायिक रूप से मूल्यहीन बन जाए। इससे मोबाइल चोरी की घटनाओं में कमी आएगी, साइबर धोखाधड़ी पर अंकुश लगेगा और नागरिकों का डिजिटल व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में भारत डिजिटल सुरक्षा और नागरिक हितों की रक्षा के क्षेत्र में और अधिक प्रभावी कदम उठाएगा।
