लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की आईटी और वेलनेस सिटी में जमीन की खरीद और बिक्री रोकने के लिए भूमि अर्जन अधिनियम-2013 की धारा-11 लागू की जाएगी और बिना कलेक्टर की अनुमति के कोई भी जमीन का क्रय-विक्रय नहीं कर पाएगा। एलडीए ने धारा-11 की अनिवार्यता के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
एलडीए की सुल्तानपुर रोड पर 3,490 एकड़ में आईटी सिटी और करीब 1200 एकड़ में वेलनेस सिटी प्रस्तावित है। दोनों योजनाओं में किसानों से लैंड पूलिंंग, बिक्री और अधिग्रहण इन तीन विकल्प के आधार पर जमीन जुटाई जा रही है। एलडीए ने जमीन की बिक्री और रजिस्ट्री पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद किसान व अन्य भूमि स्वामी लोगों को गुमराह करके चोरी-छिपे जमीन बेच रहे हैं। एलडीए ने दोनों योजनाओं में इन शिकायतों का संज्ञान लेकर शासन को भूमि अर्जन अधिनियम-2013 की धारा-11 लागू करने का प्रस्ताव भेजा है। जो एक सप्ताह में स्वीकृति मिलते ही लागू हो जाएगा। इस प्राविधान में जमीन संबंधित सभी कार्य कलेक्टर द्वारा किए जाएंगे। जमीन क्रय-विक्रय की कलेक्टर से अनुमति लेनी होगी। इसके बाद भी कोई चोरी-छिपे जमीन बेचता है तो मान्य नहीं होगी। खरीदार भू-उपयोग नहीं कर पाएंगे। रजिस्ट्री निरस्त कर दी जाएगी। भूमि स्वामी को किसी तरह का प्रतिकर नहीं मिलेगा। बल्कि आदेशों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। एलडीए धारा-11 की प्रक्रिया के लिए जमीन के सभी गाटे, खसरा, खतौनी आदि अभिलेख जिलाधिकारी कार्यालय व संबंधित तहसील कार्यालय को दे देगा।
आईटी व वेलनेस के इन गांवों पर लगेगी धारा-11
मोहनलालगंज तहसील अंतर्गत आईटी सिटी के लिए ग्राम बक्कास, सोनई कंजेहरा, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुर, परेहटा, पहाड़ नगर टिकरिया, रकीबाबाद, मोहारी खुर्द, खुजौली, भटवारा व वेलनेस सिटी अंतर्गत ग्राम बक्कास, मलूकपुर ढकवा, चौरहिया, चौरासी, दुलारमऊ, नूरपुर बेहटा व मस्तेमऊ ग्राम में अर्जित भूमि पर धारा-11 लागू की जाएगी।
