योगी आदित्यनाथ बोले- कांग्रेस के लोग स्कूटर से प्रवासी श्रमिकों को पंजाब से यूपी लाने का सपना दिखा रहे थे

UP

(www.arya-tv.com) कोविड-19 के कारण हुए लॉकडाउन के बाद उत्तर प्रदेश खासा चर्चा में रहा है। इस दौरान प्रवासी मजदूरों को राज्य में वापस बुलाने और उन्हें रोजगार मुहैया कराने के लिए एक ओर जहां राज्य सरकार को तारीफें मिलती रहीं तो वहीं इन्हीं मजदूरों को लाने के लिए कांग्रेस की बसों को परमिट न देने, शिक्षक भर्ती घोटाले और लॉकडाउन से पहले नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को दबाने के तरीकों को लेकर आलोचनाएं भी झेलनी पड़ी हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बताते हैं  उत्तर प्रदेश में 35 लाख से अधिक प्रवासी कामगार और श्रमिक आए हैं। इन सभी का स्किल मैपिंग का कार्य हो चुका है और जिन कामगारों की क्वारैंटाइन की अवधि समाप्त हो रही है, उन सभी को रोजगार सेवा योजना या स्वत: रोजगार से जोड़ने की कार्यवाही भी प्रारंभ हो चुकी है। श्रमिकों के हुनर और रोजगार के लिए एक पोर्टल भी विकसित किया गया है।

देश के अंदर सबसे ज्यादा एमएसएमई (सुक्ष्म, लघू और मध्यम उद्योग) उत्तर प्रदेश में ही हैं। लाइसेंस वाले एमएसएमई की संख्या 9.5 लाख है और बिना लाइसेंस वालों की संख्या 80 लाख से ज्यादा होगी। जितने भी एमएसएमई हैं, उनमें एक से लेकर 10 तक नए लोगों को रोजगार से जोड़ना है।

अब तक जो एमएसमएई और बड़े उद्योग चालू किए हैं, इनमें 35 लाख लोग काम कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि अगले 10 दिन में इनमें 12 से 15 लाख और रोजगार जुड़ जाएं। इनको बैंकों के साथ जोड़कर लोन दिलाने की व्यवस्था का प्रयास भी हम कर रहे हैं।

केंद्र के द्वारा एमएसएमई के लिए तीन लाख करोड़ रुपए का पैकेज घोषित हुआ है। उत्तर प्रदेश पहला राज्य था जिसने तत्काल अगले दिन ही 57 हजार एमएसएमई यूनिटों को लोन दिलाने की व्यवस्था की। एक ही दिन में हमने 2002 करोड़ का लोन उपलब्ध करवाया था।