लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक dr. Rajeshwar Singh ने कहा कि देश की राजनीति में अब तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति को जनता लगातार नकार रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav सहित विपक्षी दलों की बेचैनी इसी बदलाव का परिणाम है। जनता अब विकास, सुरक्षा और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने वाली राजनीति चाहती है।
डॉ. सिंह ने कहा कि देश की जनता जातिवाद, परिवारवाद और अपराधियों को संरक्षण देने वाली राजनीति से ऊब चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों ने वर्षों तक वोट बैंक की राजनीति के लिए समाज को बांटने का काम किया, लेकिन अब जनता ऐसे प्रयासों को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।
उन्होंने West Bengal का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां तुष्टिकरण की राजनीति का मॉडल पूरी तरह विफल साबित हुआ है। जनता ने साफ कर दिया है कि धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों की अनदेखी कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश अब सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि रोहिंग्या और घुसपैठियों को संरक्षण देने जैसी नीतियों के खिलाफ भी लोगों में नाराजगी है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि प्रदेश और देश की जनता अब “Mukhtar Ansari और Atiq Ahmed जैसे बाहुबलियों की राजनीति” को पूरी तरह खारिज कर चुकी है। उन्होंने कहा कि लोग ऐसी राजनीति चाहते हैं जो विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद को मजबूत करे।
उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े Lord Rama मंदिर और सनातन संस्कृति के मुद्दों को जनता कभी नहीं भूल सकती। जनता यह भी देख रही है कि किस तरह समय-समय पर हिंदू आस्था और परंपराओं का उपहास किया गया।
डॉ. सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है। चुनाव जनता जिताती है और जनता ही हराती है। उन्होंने कहा कि देश का माहौल अब स्पष्ट संकेत दे रहा है कि तुष्टिकरण की राजनीति की जगह विकास और राष्ट्रहित की राजनीति को समर्थन मिल रहा है।
