जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। टाटा स्टील के एक रिटायर्ड कर्मचारी ने अपनी पत्नी, गर्भवती बेटी और बेटे की धारदार हथियार से हत्या कर दी। यह सनसनीखेज घटना एग्रिको रोड नंबर-2 स्थित क्वार्टर संख्या एल5-13 में हुई, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। मृतकों की पहचान 55 सरिता सिंह, 31 वर्षीय सुप्रिया सिंह और अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सुप्रिया शादीशुदा थी और करीब तीन महीने की गर्भवती थी, जिससे यह घटना और भी हृदयविदारक बन गई है।
जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार तड़के करीब 4 बजे की है। बताया जा रहा है कि आरोपी रविंद्र सिंह ने वारदात को अंजाम देने के बाद खुद पुलिस को फोन कर इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही सिदगोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। घटना जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित एग्रिको में हुई।
घटना से रिश्तेदार भी हैरान
पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो कमरे में चारों ओर खून फैला हुआ था और आरोपी मौके पर ही मौजूद मिला। पुलिस फिलहाल उससे पूछताछ कर रही है और हत्या के पीछे की वजह जानने की कोशिश कर रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक रविवार रात तक परिवार में सबकुछ सामान्य था। रिश्तेदारों ने बताया कि देर रात तक परिवार के सदस्यों से बातचीत हुई थी और किसी विवाद की कोई जानकारी नहीं थी। ऐसे में अचानक हुई इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
हाल ही में रिटायर हुए था आरोपी
जानकारी के अनुसार आरोपी रविंद्र सिंह हाल ही में टाटा स्टील से रिटायर हुए थे। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी है। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।
हत्या के बाद आत्महत्या की कोशिश
पुलिस के अनुसार आरोपी रविंद्र सिंह ने अपनी पत्नी सरिता सिंह, गर्भवती बेटी सुप्रिया सिंह और बेटे रविशेक सिंह की हत्या करने के लिए टांगी और हथौड़े का इस्तेमाल किया। घटना के बाद उसने खुदकुशी की भी कोशिश की, लेकिन बच गया। हत्या के बाद रविंद्र सिंह ने घर के पर्दों में आग लगा दी और किचन की गैस भी खोल दी, ताकि पूरा घर आग की चपेट में आ जाए। वह काफी देर तक जलते पर्दों के पास बैठा रहा। हालांकि, आग ज्यादा नहीं फैल सकी और उसकी आत्महत्या की कोशिश नाकाम हो गई। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी मानसिक रूप से बेहद विचलित दिखा। वह बार-बार सिर्फ इतना कह रहा था – “हां, मैंने हत्या की मुझसे गलती हो गई।”
पुलिस ने 8 घंटे तक की जांच
घटना की सूचना मिलते ही सिदगोड़ा पुलिस, फॉरेंसिक टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट मौके पर पहुंचे। करीब 8 घंटे तक पूरे घर की गहन जांच की गई। हत्या में इस्तेमाल टांगी और हथौड़ा बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने हथियारों पर मिले निशानों का आरोपी के फिंगरप्रिंट से मिलान कराया। साथ ही रविंद्र सिंह से सीन रीक्रिएट भी कराया गया, ताकि वारदात की पूरी कड़ी समझी जा सके। जांच के बाद तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी हत्या की स्पष्ट वजह नहीं बता रहा है। मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।
