Lakhimpur Kheri News : खैर की लकड़ी के अवैध परिवहन मामले में फॉरेस्टर समेत तीन निलंबित, 15 सदस्यीय जांच टीम गठित

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दक्षिण खीरी वन प्रभाग की महेशपुर रेंज में खैर की लकड़ी से लदा ट्रक बरामद होने के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में ट्रांजिट परमिट जारी करने में लापरवाही पाए जाने पर एक फॉरेस्टर, एक वन रक्षक और एक लॉगिंग असिस्टेंट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए 15 सदस्यीय टीम गठित की गई है।

दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) के क्षेत्रीय निदेशक एवं वन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. एच. राजमोहन ने बताया कि निलंबन की कार्रवाई शुक्रवार को की गई। उन्होंने कहा कि खैर की लकड़ी दुधवा बफर जोन की धौरहरा रेंज से काटकर उत्तर प्रदेश वन निगम के निर्धारित डिपो भेजी जानी थी, लेकिन ट्रक दक्षिण खीरी वन प्रभाग की महेशपुर रेंज में बरामद हुआ।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ट्रांजिट परमिट जारी करने की प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों ने गंभीर लापरवाही बरती। इसी आधार पर तीनों कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।

दुधवा बफर जोन की उप निदेशक कीर्ति चौधरी ने बताया कि बरामद लकड़ी का ट्रांजिट परमिट से मिलान करने और यह पता लगाने के लिए कि लकड़ी कहां से काटी और एकत्र की गई थी, एसडीओ मनोज तिवारी की अध्यक्षता में 15 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है।

उन्होंने बताया कि वन निगम को खैर की लकड़ी के आवंटित लॉट को काटकर लखीमपुर शहर स्थित अधिकृत डिपो तक पहुंचाने की अनुमति थी। ऐसे में लकड़ी का ट्रक महेशपुर रेंज तक कैसे पहुंचा, इसकी गहन जांच की जा रही है।

कीर्ति चौधरी ने शुक्रवार को स्वयं महेशपुर रेंज पहुंचकर बरामद लकड़ी के लट्ठों का ट्रांजिट दस्तावेजों से मिलान किया। वहीं, डॉ. एच. राजमोहन ने कहा कि जांच जारी है और अवैध परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

अब तक की कार्रवाई
  • महेशपुर रेंज में खैर की लकड़ी से लदा ट्रक बरामद।
  • फॉरेस्टर, वन रक्षक और लॉगिंग असिस्टेंट निलंबित।
  • ट्रांजिट परमिट जारी करने में लापरवाही की पुष्टि।
  • एसडीओ मनोज तिवारी की अध्यक्षता में 15 सदस्यीय जांच समिति गठित।
  • अवैध परिवहन में शामिल अन्य लोगों की भी जांच जारी।