मुख्यमंत्री ने इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन से पूर्व सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों तथा शिक्षाविदों से संवाद किया

Lucknow

(www.arya-tv.com)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों तथा शिक्षाविदों से संवाद किया। युवाओं के रोजगार व सेवायोजन के लिए नियोजित प्रयास कर रहे मुख्यमंत्री ने 10 से 12 फरवरी तक यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन से पूर्व एक अभिनव पहल की है। सरकार की रोजगारोन्मुखी योजनाओं तथा नीतियों से युवाओं को परिचित कराने के लिए मुख्यमंत्री जी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के 12, भारतीय पुलिस सेवा के 6 और भारतीय वन सेवा के 06 अधिकारियों (सभी सेवानिवृत्त) तथा 24 शिक्षाविदों सहित 48 सदस्यीय टीम गठित की है। यह टीम आगामी 3 से 5 फरवरी तक अलग-अलग विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में युवाओं से संवाद कर रोजगार से जुड़ी उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करेगी। साथ ही, युवाओं के लिए यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की उपयोगिता के सम्बन्ध में उन्हें जागरूक करेगी। इसी संदर्भ में आज संवाद का यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में जब हमने प्रदेश की जिम्मेदारी सम्भाली थी, तब प्रदेश की अर्थव्यवस्था की स्थिति दयनीय थी। हमने सभी पहलुओं का अध्ययन किया और फिर नीतिगत सुधार और व्यवस्था के सरलीकरण के लिए मिशन मोड में काम किया। कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर करने के प्रयास हुए। अगले ही वर्ष 2018 में जब प्रदेश में इन्वेस्टर्स समिट आयोजित किया गया तो 4.68 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इसके उपरान्त तीन ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के आयोजन के माध्यम से लगभग 4 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों को जमीन पर उतारा जा चुका है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि यू0पी0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन के पूर्व विश्वविद्यालयों व अन्य शैक्षिक संस्थानों में आप सभी का युवाओं से संवाद महत्वपूर्ण होगा। आप युवाओं को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनायी गई विभिन्न नीतियों के माध्यम से प्रदेश में वृहद पूंजी निवेश आकर्षित किये जाने की योजनाओं की जानकारी दें। भारत सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं से उनका परिचय कराएं। उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करें, ताकि अधिकाधिक युवा योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। यह समिट किस प्रकार उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए उपयोगी होगी, इस सम्बन्ध में उनका मार्गदर्शन करें। विश्वविद्यालयों में भ्रमण कर सरकार की महात्वाकांक्षी योजनाओं से छात्रों को अवगत कराया जाना चाहिए। जिन जनपदों में कोई विश्वविद्यालय अवस्थित नहीं है, वहां महाविद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए।