कर्मफल, संस्कार, भाग्य और प्रारब्ध क्या होते है ? देवीदास विपुल के उत्तर
(aryatv.com) के एक पाठक ने पूछा है कि क्या भाग्य और प्रारब्ध एक ही शब्द के दो नाम है? वही किसी अन्य ने पूछा की क्या भाग्य से संस्कार मिलते हैं? इन्हीं प्रश्नों के उत्तर के लिए पत्रकार डॉक्टर अजय शुक्ला ने अपने को सनातन पुत्र देवीदास विपुल बोलने वाले विपुल जी से बातचीत की […]
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