दम तोड़ती ईशन नदी के पुनरुद्धार से संवरेगा मकनपुर : ऐतिहासिक दरगाह के पास बनेगा अत्याधुनिक चेक डैम

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कानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा छोटी नदियों को पुनर्जीवित करने के वृहद अभियान ‘नमामि गंगे’ और ‘जल शक्ति अभियान’ के तहत अब कानपुर नगर के बिल्हौर विकासखंड स्थित ऐतिहासिक कस्बे मकनपुर को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है।

दम तोड़ती और सिल्ट (गाद) से पटी ईशन नदी को नया जीवन देने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। भूगर्भ जल सप्ताह के मुख्य अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों ने न केवल नदी तट पर स्वच्छता महा-अभियान चलाया, बल्कि नदी के जलस्तर को सुधारने के लिए मकनपुर की प्रसिद्ध ऐतिहासिक दरगाह के समीप एक अत्याधुनिक चेक डैम बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।

​भौगोलिक महत्व : हाथरस से शुरू होकर बिल्हौर में गंगा से मिलती है ईशन नदी ​भौगोलिक और जल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ईशन नदी इस पूरे क्षेत्र की जीवनदायिनी रही है।

​लंबाई और बहाव : लगभग 317  किमी लंबी यह नदी हाथरस जिले से निकलकर एटा, मैनपुरी और कन्नौज होते हुए कानपुर नगर के बिल्हौर में आकर पवित्र गंगा नदी में समाहित हो जाती है।

संकट का कारण : बीते कुछ दशकों में प्राकृतिक जल स्रोतों के सूखने, अवैध कब्जों, गाद (सिल्ट) जमा होने और ‘बेहया’ (जंगली वनस्पतियों) के अनियंत्रित फैलाव के कारण इस नदी का प्रवाह लगभग थम गया था, जिससे तटीय इलाकों का भूगर्भ जल स्तर खतरनाक स्तर तक नीचे चला गया।

​प्रशासनिक अधिकारियों ने खुद संभाली कमान; ग्रामीणों को दिलाई शपथ

​मकनपुर में आयोजित इस विशिष्ट कार्यशाला में मुख्य रूप से पहुंचे परियोजना निदेशक (डीआरडीए) आलोक कुमार सिंह और जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) मनोज कुमार ने स्वयं फावड़ा और झाड़ू उठाकर नदी के घाटों की सफाई की। इस दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने कहा कि धरती के अस्तित्व को बचाने के लिए जल स्रोतों को जिंदा रखना हमारी पहली प्राथमिकता है।

​चेक डैम और जीर्णोद्धार का ‘एक्शन प्लान’: एक नजर में

​प्रशासन द्वारा तैयार की गई विस्तृत रूपरेखा के तहत निम्नलिखित कार्यों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा: प्रमुख कार्यअपेक्षित लाभ / उद्देश्य

  1. चेक डैम का निर्माणनदी के पानी को रोककर भूगर्भ जल को रिचार्ज करना और जलस्तर बढ़ाना।
  2. सिल्ट और गाद की सफाईमनरेगा (बीवीजीरामजी )के तहत नदी की गहराई बढ़ाना ताकि पानी की भंडारण क्षमता बढ़े।
  3. तटीय वृक्षारोपणवन विभाग के सहयोग से नदी के किनारों पर सघन पौधारोपण कर मिट्टी के कटान को रोकना।
  4. जायरीनों के लिए घाट विकासऐतिहासिक दरगाह आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं (जायरीनों) के लिए सुंदर और स्वच्छ घाट का निर्माण।
ऐतिहासिक मकनपुर दरगाह और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

​मकनपुर कस्बा सूफी संत हजरत बदीउद्दीन जिंदा शाह मदार की ऐतिहासिक दरगाह के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। यहाँ सालाना उर्स और आम दिनों में भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु और जायरीन आते हैं। नदी के पास चेक डैम बनने और जलभराव होने से न केवल पर्यावरण सुंदर होगा, बल्कि इसे एक प्रमुख ‘इको-टूरिज्म स्पॉट’ के रूप में विकसित किया जा सकेगा।

​विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

​इस महा-अभियान की तकनीकी बारीकियों को समझाने के लिए भूगर्भ जल विशेषज्ञ अर्चना सिंह ने ग्रामीणों को वर्षा जल संचयन  के गुर सिखाए। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) नेमचंद और स्थानीय ग्राम प्रधान मजाहिर हुसैन ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि ग्रामीण इस नदी को स्वच्छ रखने के लिए रोज़ाना निगरानी करेंगे और इसमें किसी भी प्रकार का कचरा या प्लास्टिक नहीं फेंकने का संकल्प निभाएंगे।