नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे धर्मेंद्र प्रधान की जगह अब शिक्षा मंत्रालय का कामकाज संभालेंगे। वहीं प्रधानमंत्री की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इससे पहले आज दोपहर में धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में सबकी नजर इस बार पर थी कि अब शिक्षा मंत्रालय कौन संभालेगा? लेकिन केंद्र सरकार ने यह अतिरिक्त जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंपी है। प्रह्लाद जोशी के पास फिहलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की जिम्मेदारी भी है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का साथ आंदोलन खत्म
बता दें कि पिछले करीबे एक महीने दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी की अगुवाई में छात्रों का आंदोलन चल रहा था। नीट परीक्षा पेपर लीक कांड को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की जा रही थी। आज दोपहर धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद जंतर मंतर पर चल रहा आंदोलन भी खत्म हो गया। परीक्षा प्रणाली में सुधार, नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉजपा के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर 20 जून को छात्रों का विरोध-प्रदर्शन शुरू हुआ था।
कौन हैं प्रह्लाद जोशी?
प्रह्लाद जोशी का जन्म कर्नाटक के विजयपुरा में 1962 में हुआ था। साधारण परिवार में पले-बढ़े प्रह्लाद जोशी छात्र जीवन से ही सामाजिक कार्यों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते रहे। जनहित के मुद्दों में भी उनकी रुचि रही। उन्होंने हुबली से स्कूली शिक्षा पूरी की और फिर उच्च शिक्षा के लिए कर्नाटक विश्वविद्यालय के धारवाड़ से संबद्ध केएस आर्ट्स कॉलेज से बीए की डिग्री हासिल की। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के साथ ही उन्होंने सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी। 2004 में उन्होंने उन्होंने धारवाड़ सीट से बीजेपी के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ा और कांग्रेस उम्मीदवार बीएस पाटिल को हराया था। वे लगातार पांच बार धारवाड़ संसदीय सीट से चुनाव जीत चुके हैं। 30 मई 2019 को पहली बार उन्हें कैबिनेट में जगह मिली। उन्हें संसदीय कार्यमंत्री बनाया गया था।
