बीसलपुर स्थित जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी /चपरासी इल्हाम शम्सी डीआईओएस कार्यालय में तैनात था। आरोप है कि इल्हाम ने नियम विरुद्ध तरीके से बाबूगिरी कर वेतन ट्रांजेक्शन के नाम पर करोड़ों रुपये के सरकारी धन की हेराफेरी की। अपनी तीन पत्नियों समेत अन्य परिचितों के बैंक खातों में करोड़ों की रकम भेजी गई थी।
इल्हाम शम्सी के खिलाफ प्रबंध समिति ने पिछले महीने नोटिस जारी किया था। दोबारा नोटिस मिलने पर उसने समिति को दिए जवाब में बताया था कि डीआईओएस कार्यालय में उसकी ड्यूटी वेतन टोकन जारी करने और कार्यालय की फाइलों को सुरक्षित रखने की थी।
जवाब में घोटाले से इनकार
उसने कंप्यूटर के माध्यम से वेतन ट्रांजेक्शन करने से इनकार करते हुए घोटाले के आरोपों को निराधार बताया था। हालांकि प्रबंध समिति उसके जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। खासतौर पर घोटाले की रकम पत्नी और रिश्तेदारों के खातों में भेजे जाने के आरोपों पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका था।
सेवाएं समाप्त करने से पहले समिति ने उसे अंतिम अवसर देते हुए जवाब दाखिल करने का नोटिस दिया था। जवाब देने की समयसीमा 31 जुलाई को समाप्त हो गई। अंतिम नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर प्रबंध समिति ने विधिक राय ली। इसके बाद गुरुवार को विद्यालय में प्रबंध समिति की बैठक बुलाई गई।
समिति ने ले लिया फैसला
बैठक में आरोपों और उपलब्ध अभिलेखों पर विचार करने के बाद इल्हाम शम्सी की सेवाएं समाप्त करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। बैठक में प्रबंधक अमरेश सक्सेना, अध्यक्ष अरविंद सक्सेना, उप प्रबंधक नीरज सिन्हा समेत प्रबंधन समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे। प्रधानाचार्य प्रवीण सक्सेना ने बताया कि समिति ने इल्हाम शम्सी की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया है और कार्रवाई की प्रति डीआईओएस कार्यालय भेज दी गई है।
