हरित ऊर्जा कूटनीति का आया नया युग, भारत ने ISA को पर्यवेक्षक का दर्जा देने के लिए पेश किया प्रस्ताव

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(www.arya-tv.com) अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आइएसए) को मील का पत्थर बताते हुए भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इसे पर्यवेक्षक का दर्जा देने के लिए मसौदा प्रस्ताव पेश किया है। इससे जहां आइएसए व संयुक्त राष्ट्र के बीच नियमित सहयोग में मदद मिलेगी, वहीं वैश्विक ऊर्जा के विकास में भी यह लाभदायक साबित होगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने शुक्रवार को कहा कि भारत व फ्रांस की ओर से आइएसए को पर्यवेक्षक का दर्जा देने के लिए मसौदा प्रस्ताव पेश कर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।

तिरुमूर्ति ने महासभा में कहा कि सौर ऊर्जा स्थापित करने के जरिए उचित और समान ऊर्जा समाधान करने के अपने प्रयासों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन से हरित ऊर्जा कूटनीति का नया युग शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि महासभा में आईएसए को पर्यवेक्षक का दर्जा देने से गठबंधन और संयुक्त राष्ट्र के बीच नियमित और अच्छी तरह परिभाषित सहयोग मुहैया होगा, जिससे वैश्विक ऊर्जा वृद्धि और विकास को लाभ मिलेगा।

इंटरनेशनल सोलर अलायंस के लिए पेश हुए इस प्रस्ताव के सह-प्रायोजक देशों में अल्जीरिया, आस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, कम्बोडिया, कनाडा, चिली, क्यूबा, डेनमार्क, मिस्र, फिजी, फिनलैंड, आयरलैंड, इटली, जापान, मालदीव, मॉरिशस, म्यांमार, न्यूजीलैंड, ओमान, सेंट विन्सेंट और ग्रेनेडाइंस, सऊदी अरब, त्रिनिदाद और टोबैगो, संयुक्त अरब अमीरात तथा ब्रिटेन शामिल हैं।

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