नई दिल्ली : NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ियों और देश भर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बहुत बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों के उग्र प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रेषित कर दिया है।नीट पेपर लीक विवाद को लेकर छात्रों के आक्रोश देश में बना हुआ है. ऐसे में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों की अहम मांग मान ली है. उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे के बाद से जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है. पूरे देश के छात्रों में लंबे समय से चल रही इस लड़ाई को इस्तीफे के बाद जीत की तरह देख रहे हैं. सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि ये लोकतंत्र की जीत है.
आप नेता संजय सिंह ने कहा कि युवा शक्ति जिंदाबाद, छात्र शक्ति जिंदाबाद. जिस और जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता हैं. देश के करोड़ों युवाओं ने अपने आंदोलन के बदौलत कुम्भकरण की नींद में सो रही मोदी सरकार को जगाया और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने के लिए मजबूर किया. पेपर लीक से शुरू हुई लड़ाई, रोज़गार तक जाएगी. इसके बाद अब देश में हर गलती की जवाबदेही तय होगी. आंदोलन के विजय की बधाई.
खरगे ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारत के छात्रों की गूंज आख़िरकार अंहकारी सत्ता की दहलीज़ तक पहुंच गई. ये हमारे करोड़ों युवाओं की जीत है जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर आवाज उठाई. ये सत्य की जीत है और मोदी जी के हठ की हार है. ये उन सभी परिवारों की जीत हैं जिन्होंने अपने ख़ून, अपने बच्चों को खोया, क्योंकि यह सरकार भ्रष्टाचारी है. ये साझा विपक्ष की जीत है, जिन्होंने छात्रों के हित में संसद से सड़क तक आवाज उठाई. अब बारी है मोदी जी को हमारी युवा पीढ़ी से माफ़ी माँगने की और जिन्होंने उनपर लाठी-डंडे-Pellet Guns चलवाई है, उनपर कठोर कार्यवाही करने की.
आप नेता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर पूरे देश को बधाई. यह लोकतंत्र की बड़ी जीत है.
वांगचुक ने क्या कहा?
सोनम वांगचुक ने कहा कि ये लोकतंत्र की जीत है. सीधा लोकतंत्र… जो सड़कों से निकला है. यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है. CJP और देश की ‘जेन ज़ेड’ (Gen Z) को बधाई; और उन सभी नागरिकों का धन्यवाद जिन्होंने डर और डर के डर को त्यागकर देश के हर कोने से आवाज उठाई. जवाबदेही से अब सुधार की ओर है.
शरद पवार ने क्या कहा?
शरद पवार ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले में दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं ने लगातार 28 दिनों तक जो संघर्ष और दृढ़ संकल्प दिखाया, वह वाकई तारीफ के काबिल है. प्रदर्शनकारियों की जोरदार मांग के बाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने आखिरकार आज इस्तीफा दे दिया है. ये लड़ाई, जो बिना डरे ज़ुल्म के खिलाफ मज़बूती से खड़ी रही और सरकार को अन्याय के लिए नैतिक ज़िम्मेदारी लेने पर मजबूर किया, लोकतंत्र की ताकत का प्रतीक है.
