- ₹2,912 करोड़ की Seed Capital को भी हरी झंडी, करीब 5,000 होमबायर्स के हित सुरक्षित होने का दावा
लखनऊ। अंसल सुशांत गोल्फ सिटी के हजारों होमबायर्स को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने सुशांत गोल्फ सिटी को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा टेकओवर किए जाने और ₹2,912 करोड़ की Seed Capital उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने फैसले के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए इसे वर्षों से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हजारों परिवारों के हित में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने होमबायर्स की वर्षों पुरानी समस्या को गंभीरता से समझते हुए उनके हितों की रक्षा और न्यायोचित समाधान का भरोसा दिया था, जिसकी दिशा में कैबिनेट की स्वीकृति निर्णायक कदम है।
- 21 अगस्त को मुख्यमंत्री के सामने उठाया था मामला
डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि उन्होंने 21 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत मुलाकात कर अंसल के हजारों पीड़ित परिवारों की समस्याएं उनके सामने रखी थीं। उन्होंने होमबायर्स के अधिकारों और जीवनभर की कमाई की सुरक्षा के लिए प्रभावी समाधान का आग्रह किया था। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस दिशा में आगे की प्रक्रिया का मार्ग प्रशस्त हुआ है। NCLT की अनुमति के बाद LDA योजना का टेकओवर करेगा।
- अधूरे विकास कार्यों पर ₹2,216.91 करोड़ खर्च होने का अनुमान
प्रस्ताव के अनुसार इस फैसले से करीब 5,000 होमबायर्स के हित सुरक्षित होने तथा वैध आवंटियों को नियमानुसार उनके भवन और भूखंड उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। वर्षों से अधूरी पड़ी सड़कों, पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज, पार्क, रेलवे ओवरब्रिज और पावर सबस्टेशन जैसी बुनियादी सुविधाओं को पूरा किए जाने की योजना है। अकेले अधूरे विकास कार्यों पर करीब ₹2,216.91 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
- “अंतिम परिवार को न्याय मिलने तक साथ खड़ा रहूंगा”
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर के अंसल होमबायर्स उनके लिए केवल आवंटी नहीं, बल्कि अपने लोग और परिवार का हिस्सा हैं। उनके अधिकारों, जीवनभर की कमाई और आशियाने की रक्षा के लिए वे पहले भी उनके साथ खड़े रहे हैं और आगे भी तब तक साथ रहेंगे, जब तक अंतिम परिवार को न्याय और उसका वैध अधिकार नहीं मिल जाता। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल एक टाउनशिप के टेकओवर तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हजारों परिवारों के विश्वास, अधिकार और भविष्य की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
