SC में हंगामा पड़ा भारी! लखनऊ विश्वविद्यालय ने 2 छात्रों को किया निलंबित, हॉस्टल भी छूटा

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 सर्वोच्च न्यायालय की न्यायिक प्रक्रिया बाधित करने, न्यायालय में कागज फाड़कर फेंकने और अपशब्दों का प्रयोग करने वाले दो छात्रों को लखनऊ विश्वविद्यालय ने निलंबित कर दिया है। विधि तृतीय वर्ष के छात्र प्रबल प्रताप सिंह और चंद्रभान विधि द्वितीय वर्ष के छात्र को विश्वविद्यालय ने निलंबित करते हुए छात्रावास सुविधा समाप्त कर दी है और विश्वविद्यालय के दोनों परिसरों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।

बीते दिनों सर्वोच्च न्यायालय में लखनऊ विश्वविद्यालय के दोनो छात्रों ने न्यायपालिका की प्रक्रिया बाधित करने के साथ अपशब्दों का प्रयोग किया था। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने दोनों छात्रों को गिरफ्तार कर लिया था। दिल्ली पुलिस ने छात्रों के खिलाफ 11 जुलाई को एफआईआर दर्ज की थी। जिसकी सूचना मिलते ही लखनऊ विश्वविद्यालय ने 15 जुलाई को एक कमेटी का गठन किया था। कमेटी की संस्तुति के आधार पर विश्वविद्यालय ने दोनों छात्रों को जांच अवधि तक के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

दिल्ली पुलिस की टीम आई विश्वविद्यालय 
लखनऊ विश्वविद्यालय के न्यू कैंपस में स्थित विधि संकाय में जांच के लिए दिल्ली पुलिस की टीम आई थी। जो इन दोनों छात्रों के बारे में जानकारी हासिल कर वापस चली गई। विश्वविद्यालय ने सर्वोच्च न्यायालय जैसे संवैधानिक और प्रतिष्ठित न्यायिक संस्थान के गरिमा के प्रतिकूल आचरण करने को लेकर छात्रों पर कठोर कार्रवाई है।