हरदोई। बेंगलुरु साइबर क्राइम यूनिट से आई एक कानूनी नोटिस ने हरदोई के एक व्यक्ति के नाम पर कथित तौर पर चल रहे फर्जी बैंक खाते का खुलासा कर दिया। शहर के रेलवेगंज पूर्वी निवासी अभिलाष अवस्थी पुत्र राजीव अवस्थी को बेंगलुरु साइबर क्राइम यूनिट की ओर से जांच में शामिल होने का नोटिस भेजा गया था।
नोटिस में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और बीएनएस के तहत कंप्यूटर संसाधनों के इस्तेमाल से कथित धोखाधड़ी/छल से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में बेंगलुरु में मौजूद होने के निर्देश दिए गए थे।
नोटिस के बाद अपने दस्तावेजों की जांच की
नोटिस मिलने के बाद अभिलाष अवस्थी ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू की और अपने बैंक संबंधी विवरण की पड़ताल की। उनके मुताबिक, इसी दौरान उन्हें पता चला कि उनके आधार और पैन कार्ड का कथित रूप से गलत इस्तेमाल कर एक सिम हासिल किया गया था।
आरोप है कि इसी सिम के जरिए उनके नाम पर डिजिटल माध्यम से Airtel Payments Bank में बैंक खाता खोला गया और कथित तौर पर उस खाते का इस्तेमाल साइबर अपराधों के लिए किया गया।
बोले- खाते से हुए लेन-देन से मेरा कोई संबंध नहीं
अभिलाष अवस्थी का कहना है कि उन्होंने न तो यह बैंक खाता खुलवाया और न ही इससे हुए किसी वित्तीय लेन-देन में उनकी कोई भूमिका है। उनका आरोप है कि उनके पहचान संबंधी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर पूरा खाता बनाया गया। बेंगलुरु से नोटिस आने के बाद उन्हें मामले की जानकारी हुई।
पुलिस से शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचे
मामले की जानकारी सामने आने के बाद अभिलाष अवस्थी ने पुलिस और आला अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की। उनका कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कराने और मामले की जांच कराने की मांग के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया।
ACJM कोर्ट के आदेश पर साइबर सेल ने दर्ज किया केस
एसीजेएम (तृतीय) कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए। अदालत के आदेश के बाद साइबर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
साइबर सेल अब कथित फर्जी सिम, बैंक खाते और उससे जुड़े लेन-देन की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि दस्तावेजों का इस्तेमाल किसने किया और खाते से किन गतिविधियों को अंजाम दिया गया।
पहचान पत्रों के दुरुपयोग ने बढ़ाई चिंता
यह मामला डिजिटल दौर में आधार, पैन और मोबाइल सिम जैसे पहचान संबंधी दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग से जुड़े जोखिम को भी सामने लाता है। किसी व्यक्ति के नाम पर फर्जी सिम और बैंक खाता खुलने की स्थिति में वह व्यक्ति अनजाने में साइबर अपराध की जांच के दायरे में आ सकता है।
फिलहाल मामले में आरोपों की जांच जारी है और पुलिस की पड़ताल पूरी होने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
