महिला समानता और शिक्षण संस्थानों में समान नियमों की वकालत, डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस-सपा पर साधा निशाना

Lucknow

लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी द्वारा स्कूलों में बुर्के और नकाब पर प्रतिबंध के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए शिक्षण संस्थानों में समान नियम, महिला गरिमा और सामाजिक समानता को प्राथमिकता देने की बात कही।

  • शिक्षा में समानता और महिला गरिमा पर जोर

डॉ. सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, स्वतंत्र सोच और समान नागरिकता की भावना विकसित करना है। उन्होंने भारत के शिक्षण संस्थानों में समान एवं धर्मनिरपेक्ष नियमों की आवश्यकता पर जोर देते हुए निर्धारित यूनिफॉर्म के पालन की बात कही। उन्होंने कहा कि चिकित्सकीय आवश्यकता को छोड़कर कक्षा में चेहरा ढकने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।

  • बेटियों के अधिकार राजनीतिक हितों से ऊपर हों

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को बेटियों के अधिकार और महिला गरिमा को राजनीतिक हितों से ऊपर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथ पर मौन रहना महिलाओं के अधिकारों के प्रति विश्वासघात है और महिला अधिकार, शिक्षा तथा समानता जैसे विषयों पर राजनीतिक दलों को स्पष्ट नीति अपनानी चाहिए।

  • प्रतिभा से पहचानी जाए हर बेटी

उन्होंने कहा कि उनका विजन ऐसा भारत बनाने का है, जहां प्रत्येक बेटी स्वतंत्रता और आत्मविश्वास के साथ पढ़े और उसकी पहचान उसकी प्रतिभा से हो। डॉ. सिंह ने अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा पर लगे प्रतिबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि आस्था व्यक्ति को ऊंचा उठाती है, जबकि कट्टरता समाज और विशेषकर महिलाओं के अधिकारों को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने राजनीतिक दलों से वोटबैंक की राजनीति से ऊपर उठकर महिला अधिकारों, शिक्षा और समानता को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।