यूपी के गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नाम से चल रहे दो हैंडल्स के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार इन हैंडल्स द्वारा किशोरी की मौत को लेकर आधारहीन, भ्रामक और झूठी टिप्पणियां करके अफवाहें फैलाई जा रही थीं।
मामले की जांच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 15 अप्रैल को जमानिया-धरम्मरपुर पुल के पास किशोरी की चप्पल, मोबाइल फोन और गमछा बरामद हुआ था। बाद में उसका शव गंगा नदी में मिला। परिवार की लिखित शिकायत पर पोस्टमॉर्टम कराया गया। 19 अप्रैल को मृतका के पिता ने लिखित तहरीर देकर हत्या का आरोप लगाया, जिसके आधार पर करंडा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने गांव के ही रहने वाले मुख्य आरोपी हरिओम पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
निषेधाज्ञा लागू
घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। डीएम के आदेश पर 30 अप्रैल तक पूरे गाजीपुर जिले में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। इस दौरान किसी भी राजनीतिक दल या समूह को जिले में एकत्र होने, जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने, कैंडल मार्च करने या नारे लगाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही कोई भी व्यक्ति या प्रतिनिधिमंडल संवेदना व्यक्त करने के लिए पीड़िता के गांव नहीं जा सकेगा।बता दें कि 22 अप्रैल को समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल पर गांव में पथराव की घटना हुई थी, जिसमें पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया था।
