लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि, कथित वित्तीय अनियमितताओं और छात्रों के निष्कासन के विरोध में चल रहे आंदोलन को शनिवार को राजनीतिक और सामाजिक समर्थन मिला। धरना स्थल पर पहुंचे अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद ने छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर चिंता जताई। अवधेश प्रसाद ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना छात्रों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो वह मामले को राज्यपाल के समक्ष उठाएंगे और जरूरत पड़ने पर संसद में भी मुद्दा रखेंगे। उन्होंने छात्रों पर दर्ज एफआईआर और निष्कासन की कार्रवाई पर पुनर्विचार की मांग की।
धरना स्थल पर कांग्रेस नेता रुद्र दमन सिंह ‘बब्लू’ भी पहुंचे और छात्रों के समर्थन में बैठे। वहीं, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रमेश श्रीवास्तव ने कहा कि उच्च शिक्षा सभी वर्गों के छात्रों के लिए सुलभ रहनी चाहिए और फीस संबंधी नीतियों में पारदर्शिता आवश्यक है।आंदोलनरत छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन संवाद के बजाय उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने तक उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। नेताओं ने भी छात्रों के संवैधानिक अधिकारों और न्यायपूर्ण शिक्षा व्यवस्था के समर्थन में निष्कासन आदेशों व अन्य कार्रवाई की समीक्षा की मांग की।
