बुलंदशहर में दुकान के बाहर हुई फायरिंग, मामूली कहासुनी के बाद युवक के पेट में मारी गोली, हालत गंभीर

# ## UP

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां गाड़ी हटाने को लेकर हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। यह पूरा मामला औरंगाबाद थाना क्षेत्र के रजवाना गांव का है, जहां दो पक्षों के बीच हुई इस हिंसक झड़प में एक युवक को गोली मार दी गई। घटना के बाद इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया है, जिसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन तुरंत अलर्ट हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने खुद घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया।

मामूली विवाद से शुरू हुई बात

जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत बीते दिन हुई थी, जब सड़क पर आमने-सामने दो कारें आ गईं। गाड़ी को आगे-पीछे हटाने को लेकर प्रिंस और गुलजार नाम के दो युवकों के बीच तीखी बहस हुई। उस समय तो मामला शांत हो गया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच रंजिश बढ़ गई। आरोप है कि अगले दिन प्रिंस पक्ष के लोग पूरी तैयारी के साथ आए और गुलजार को पहले लाठी-डंडों से मारा। इस हमले के दौरान बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग भी की, जिसमें एक गोली सीधे गुलजार को जा लगी। गोली लगने से गुलजार लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और हमला करने वाले लोग मौके से फरार हो गए।

गुलजार को पहुंचाया गया अस्पताल

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत एक्शन में आई और घायल गुलजार को गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद उसे तुरंत मेरठ के हायर मेडिकल सेंटर (हार्ट सेंटर) के लिए रेफर कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि गोली लगने के कारण युवक को काफी चोट आई है, लेकिन फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

एडीजी और एसएसपी ने संभाला मोर्चा

इस बड़ी घटना की खबर मिलते ही बुलंदशहर के एसएसपी दिनेश कुमार सिंह समेत जिले के तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर भी स्थिति का मुआयना करने रजवाना गांव पहुंचे। उन्होंने बताया कि गुलजार अपनी दुकान पर बैठा हुआ था, तभी दो-तीन युवकों ने आकर उस पर हमला किया और गोली चला दी।

गांव में भारी पुलिस बल किया गया है तैनात

एडीजी ने ये भी साफ किया कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की सात से आठ टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पूरे मामले की निगरानी बुलंदशहर के एसएसपी कर रहे हैं। गांव में किसी भी तरह की कोई और अप्रिय घटना न हो, इसके लिए एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।