नवरात्रि: हिंदुत्व की आस्था और इसका जीवन में प्रभाव, एल्डिको सौभाग्यं सोसाइटी ने पेश किया इस पर बेहतरीन उदाहरण !

# ## Lucknow National
Vishal Saxena

(www.arya-tv.com)  डिजिटल युग में धार्मिक परंपराओं पर लोगो की आस्था और नवरात्रि में होने वाले कार्यक्रमों पर विशाल सक्सेना की स्पेशल रिपोर्ट……….

दोस्तों आज हम बात करेंगे एक ऐसी सोसाइटी के बारे में जिसमे एक पूरा संसार बसता है; और वो है लखनऊ की एक सोसाइटी एल्डिको सौभाग्यं, वृंदावन योजना में
कहने को तो यह सिर्फ 1000 फ्लैट की सोसाइटी है पर किसी भी परिस्थिति में, हर काम में यह सोसायटी हमेशा आगे रहती है, चाहे वो कॉविड के कठिन दौर में लोगों की मदद करने का कार्य हो या फिर किसी भी पर्वउत्सव को धूमधाम से मनाने का। इस नवदुर्गा में इस सोसाइटी ने एक बार फिर से एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नवदुर्गा में होने वाले कार्यक्रमों का बहुत ही भव्य आयोजन किया, जिसकी अध्यक्षता  विवेक राठौर  ने एवं एल्डिको सौभाग्यं की देवस्थली समितिने की जिसके अंतर्गत नवदुर्गा की हर शाम शानदार और मन मोह लेने वाले कार्यक्रमों से सुसज्जित की गई। कार्यक्रम भी ऐसे जिसमें हजारों लोग सम्मिलित हुए और उन्होंने जमकर नव दुर्गे एवं उसमे होने वाले कार्यक्रमों का आनंद उठाया। कार्यक्रमों की पृष्ठभूमि इस प्रकार से थी:
“माता रानी की स्थापना
सुंदर काण्ड
प्रतिदिन कीर्तन
भजन संध्या
डांडिया नाइट्स
माता की चौकी एवं जागरण
भंडारा आयोजन
माता रानी विसर्जन
रावण दहन एवं दशहरा मेला “
प्रत्येक कार्यक्रम में उपस्थित हजारों लोगों की खाने-पीने एवं वृत वाले लोगो के लिए फलाहार की निशुल्क व्यवस्था की गई थी।
विवेक राठौर

बातचीत के दौरान श्री राठौर  ने दुर्गा पूजा के महत्व को लोगो को विस्तार से बताया और कहा कि भारत में होने वाले इस तरह के पर्व भारत को recession से बचाने में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। इन पर्व को मनाने से एक मूवमेंट शुरू होता है, कई लोगों को काम भी मिलता है और एक नई ऊर्जा का संचार होता है, उन्होंने यह भी बताया कि सभी प्रकार के कार्यक्रमों की व्यवस्था विभिन्न कोविड नियमों एवं गाइडलाइंस को ध्यान में रखते हुए की गई थी।

उन्होंने सौभाग्यं के सभी निवासियों को धन्यवाद देते हुए कहा बिना उनके सहयोग के यह कार्यक्रम संभव नहीं हो पाता और उनकी एक देवस्थली समिति जोकि एल्डेको सौभाग्यं के निवासियों द्वारा मिलकर बनाई गई है सभी ने 9 दिन कड़ी मेहनत से इस कार्यक्रम को भव्यतसाथ संपन्न कराने में अहम भूमिका प्रदान करी है।
  • आइए एक नजर इस पर भी डालते है दुर्गा पूजा क्यों मनाया जाता है
माँ दुर्गा को शक्ति की देवी कहा जाता है। उनके दस हाथ होते हैं और वह शेर पर विराजमान होती है। यह माना जाता है की महिषासुर नामक असुर राजा ने स्वर्ग में देवताओं पर आक्रमण कर दिया था। वह बहुत ही शक्तिशाली था और उसे कोई भी हरा नहीं सकता था। उस समय स्वर्ग के देवताओं को महिषासुर के प्रकोप से बचाने के लिए ब्रम्हा, विष्णु, और शिव के द्वारा एक आंतरिक शक्ति का निर्माण किया गया जिसका नाम दुर्गा रखा गया।
देवी दुर्गा को आंतरिक शक्तियां प्रदान की गयी थी जिससे की वे महिषासुर का वध कर सके। माँ दुर्गा ने पूरे दस दिनों तक महिषासुर से युद्ध किया और दसवें दिन उसे मार डाला। दसवें दिन को दशहरा या विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है। रामायण के अनुसार भगवान राम से रावण को मारने से पहले माँ दुर्गा से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए चंडी पूजा की थी। दुर्गा पूजा के दसवें दिन भगवान राम ने रावण को मारा इसलिए इस दिन को हम विजयादशमी के नाम से भी जानते हैं। दुर्गा पूजा उत्सव को अच्छाई की बुराई पर जीत के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है।
आज एल्डिको सौभाग्यं अन्य सोसाइटीज के लिए एक बेंचमार्क बन गया है और दूर-दूर से लोग यहां के कार्यक्रमों में सम्मिलित होने आते हैं।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने मे सौभाग्यं देवस्थली समिति एवं एल्डेको सौभाग्यं निवासियों का विशेष योगदान रहा जिसमें कपिल मुद्गल, कुबेर पांडे, अमर जी विश्वकर्मा, संतोष सिंह, संतोष तिवारी, राहुल सिंह , धीरेंद्र पांडे, श्रीमती प्रियंका श्रीनेट, श्रीमती प्रीति सिंह, सचिन उपाध्याय, सुशील तिवारी, मनोज दुबे, जीपी सिन्हा, योगेश पांडे , दिनेश कुमार, विक्रांत कुलश्रेष्ठ, मनीष अग्रवाल, विनय कुमार श्रीवास्तव, महामाया कुमार तिवारी, दीपक आर्य, पंकज तिवारी , डा.अनंग त्रिपाठी, राजेंद्र कुमार सिन्हा, रविश सिंह, शैलेश चौरसिया , एस के तिवारी, सुशील गोयल, निखिल जयसवाल, सुमित गुप्ता जिन्होंने इतने बड़े कार्यक्रम को बड़ी भव्यता के साथ संपन्न किया।
यह सभी बातें हमको प्रेरणा देते हैं एवं अन्य सोसाइटीज को भी प्रेरित करती हैं कि वह भी लोगों की मदद करें और इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करें जिससे एक ऊर्जा का संचार हो और आज के इस कठिन दौर में लोगों को काम भी मिल सके।
  • कार्यक्रम की कुछ फोटो झलकियां
कार्यक्रम में उपस्थित सौभाग्यं देवस्थली समिति एवं एल्डेको सौभाग्यं के सदस्य
माता के सामने चित्र खिंचवाते एल्डेको सौभाग्यं के सदस्य
कार्यक्रम में माता का आशिर्वाद लेते एल्डेको सौभाग्यं के सदस्य
कार्यक्रम में एल्डेको सौभाग्यं के सदस्यों के साथ फोटो खिंचवाते विशेष संवाददाता विशाल सक्सेना अपने परिवार के साथ

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