- लखनऊ नगर निगम का बजट 900 करोड़ से बढ़कर 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंचा, 10 हजार करोड़ करने का लक्ष्य; कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दे पर सपा को घेरा
लखनऊ। सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी की पीडीए राजनीति, लखनऊ नगर निगम के बढ़ते बजट और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने वर्ष 1995 के चर्चित स्टेट गेस्ट हाउस कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के हितों की बात करने वाले राजनीतिक दलों को अपने अतीत का भी आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि विचार, आचरण और व्यवहार में दिखाई देने वाली प्रतिबद्धता है। जनता को राजनीतिक दलों के दावों के साथ उनके इतिहास और शासनकाल के रिकॉर्ड को भी ध्यान में रखना चाहिए।
- स्टेट गेस्ट हाउस कांड का जिक्र कर सपा को घेरा
डॉ. राजेश्वर सिंह ने वर्ष 1995 में लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाउस में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती के साथ हुई घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस प्रकरण ने दलित नेतृत्व की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने विपक्ष की पीडीए राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सामाजिक न्याय की बात करने वाले दलों को अपने राजनीतिक अतीत और व्यवहार का जवाब देना चाहिए। उनके मुताबिक, वंचित वर्गों के अधिकारों की वास्तविक प्रतिबद्धता नारों से नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों के आचरण और कार्यशैली से साबित होती है।
- नगर निगम का बजट 10 हजार करोड़ करने का लक्ष्य
लखनऊ के विकास का उल्लेख करते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्यों के लिए संसाधनों का विस्तार हुआ है। उनके अनुसार, योगी सरकार के पहली बार सत्ता में आने के समय लखनऊ नगर निगम का बजट लगभग 900 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर करीब 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने भविष्य में इसे 10,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य बताया। डॉ. सिंह ने कहा कि बजट में वृद्धि से सड़कों, नालियों, जलनिकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास को गति देने के अवसर बढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि सरोजनीनगर में पिछले चार वर्षों के दौरान 2,000 से अधिक सड़कों का निर्माण कराया गया है। साथ ही, उत्तर प्रदेश के बजट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश का बजट लगभग 8.09 लाख करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2026-27 में बढ़कर करीब 9.13 लाख करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने कहा कि सरोजनीनगर में औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स पार्क, ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण और अन्य परियोजनाओं से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। लक्ष्य क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
- ‘माफियाराज की वापसी चाहने वालों से सतर्क रहे जनता’
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने माफियाराज और अपराध के भय से बाहर निकलकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के शासनकाल पर निशाना साधते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में संगठित अपराध के खिलाफ कठोर कार्रवाई हुई है। उनके मुताबिक, इससे आम नागरिकों और व्यापारियों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है। डॉ. सिंह ने पुलिस मुठभेड़ों से जुड़े सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मार्च 2017 से मई 2026 तक 17,043 मुठभेड़ अभियानों में 289 अपराधियों की मृत्यु हुई और 34,253 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने इन कार्रवाइयों को अपराध के खिलाफ सरकार की कठोर नीति का परिणाम बताया और जनता से कानून-व्यवस्था, सुरक्षा तथा विकास को प्राथमिकता देने की अपील की।
- सुरक्षित माहौल और रोजगार पर जोर
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए सुरक्षित वातावरण और मजबूत बुनियादी ढांचा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां महिलाएं निर्भय होकर आगे बढ़ सकें, व्यापारी बिना भय के कारोबार कर सकें और युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार के अधिक अवसर मिलें। उन्होंने विकास कार्यों, औद्योगिक निवेश और कानून-व्यवस्था को प्रदेश की प्रगति के प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि जनता को राजनीतिक दलों के दावों का मूल्यांकन उनके काम और शासन के रिकॉर्ड के आधार पर करना चाहिए।
