सरोजनीनगर। सरोजनीनगर तहसील बार एसोसिएशन के ‘लोकार्पण एवं धन्यवाद’ कार्यक्रम में विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अधिवक्ताओं के साथ आत्मीय संवाद करते हुए न्याय की सुलभता, कानूनी जागरूकता, शिक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्राथमिकताएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता न्याय, संविधान और नागरिक अधिकारों के प्रहरी हैं और समाज को सही दिशा देने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। अधिवक्ता कल्याण और बार एसोसिएशन के सुदृढ़ीकरण के लिए विधायक निधि से ₹10 लाख, CSR के माध्यम से 5 नई सोलर लाइट तथा बार परिसर में ओपन जिम की घोषणा की गई। युवा एवं उभरते अधिवक्ताओं को सर्वोच्च न्यायालय की लाइव कार्यवाही देखने और ज्ञानवर्धन के लिए टीवी व वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने में भी सहयोग दिया गया। आगामी श्यामरथ यात्रा में बार एसोसिएशन के 75 अधिवक्ताओं को निःशुल्क श्री खाटू श्याम जी के दर्शन कराने की घोषणा की गई। कार्यक्रम के दौरान लाल बहादुर सिंह को उनके पुत्र स्व. अभिषेक सिंह की स्मृति में ₹1 लाख तथा सचिन यादव एडवोकेट को चिकित्सीय सहायता के लिए ₹25 हजार का सहयोग भी प्रदान किया गया।

- कक्षा 12 तक कानूनी शिक्षा और साइबर कानून की समझ जरूरी
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि बच्चों को केवल किताबी शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें अपने अधिकारों, कर्तव्यों और कानून की बुनियादी जानकारी भी दी जानी चाहिए। कक्षा 12 तक सभी शिक्षा बोर्डों में बुनियादी कानूनी शिक्षा अनिवार्य किए जाने की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को Cyber Law, Digital Security, Digital Evidence और Digital Behaviour की सामान्य समझ होना आज के समय की जरूरत है। सोशल मीडिया पर किसी आपत्तिजनक सामग्री को केवल Forward करने से कानूनी जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। युवाओं को NDPS Act समेत प्रमुख कानूनों के मूल प्रावधानों और उनके व्यवहारिक प्रभावों की जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरोजनीनगर के 70 से अधिक शिक्षण संस्थानों में डिजिटल शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और लक्ष्य है कि क्षेत्र का हर बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाए तथा हर युवा को आगे बढ़ने का अवसर मिले।

- सुलभ, सरल और समयबद्ध न्याय ही वास्तविक न्याय
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक परामर्श उपलब्ध कराना सामाजिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। छोटे और सामान्य मामलों में अनावश्यक रूप से लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय प्रयास होना चाहिए कि पीड़ित को कम समय में सरल प्रक्रिया के माध्यम से न्याय मिले। उन्होंने कहा कि न्याय तभी सार्थक है, जब वह सुलभ, सरल और समयबद्ध हो। उन्होंने Justice K.S. Puttaswamy V/S Union of India के फैसले का उल्लेख करते हुए निजता के अधिकार को डिजिटल युग में महत्वपूर्ण बताया, वहीं Kesavananda Bharati V/S State of Kerala के ऐतिहासिक निर्णय का उल्लेख करते हुए संविधान के मूल ढांचे की रक्षा को लोकतंत्र की महत्वपूर्ण विशेषता बताया। अंसल प्रकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मध्यमवर्गीय परिवारों की जीवनभर की कमाई और उनके घर के सपने की सुरक्षा भी सामाजिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश प्रताप सिंह एडवोकेट, महामंत्री राजेन्द्र यादव एडवोकेट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश सिंह चौहान एडवोकेट, मनोज कुमार एडवोकेट, गिरधारी लाल गुप्ता एडवोकेट, सुनील कुमार एडवोकेट, कोषाध्यक्ष नीरज यादव एडवोकेट, संयुक्त मंत्री अजय रावत एडवोकेट, इस्लाम खान एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि संकल्प है कि सरोजनीनगर का हर बच्चा शिक्षित हो, हर युवा सक्षम बने और हर जरूरतमंद को न्याय मिले, ताकि सरोजनीनगर शिक्षा, न्याय और तकनीक के क्षेत्र में देश के लिए उदाहरण बन सके।
