डॉ. राजेश्वर सिंह: अयोध्या, करतारपुर साहिब और खाटूश्याम के बाद अब बिठूर की धार्मिक यात्रा शुरू, 54 श्रद्धालु रवाना

Lucknow
  • डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल से धार्मिक एवं सांस्कृतिक यात्रा श्रृंखला को मिला नया विस्तार, रामायण की विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों के करेंगे दर्शन

लखनऊ। सरोजनीनगर में धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति से जन-जन को जोड़ने की पहल को आगे बढ़ाते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने बिठूर धार्मिक यात्रा का शुभारंभ कराया। रविवार को आशियाना स्थित सीएमएस विद्यालय से 54 श्रद्धालुओं का दल बिठूर के लिए रवाना हुआ। इससे पहले अयोध्या धाम, करतारपुर साहिब, भवरेश्वर और खाटूश्याम की धार्मिक यात्राओं का आयोजन किया जा चुका है। अयोध्या धाम की रामरथ श्रवण यात्रा के माध्यम से अब तक 10 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। बिठूर यात्रा इसी श्रृंखला का नया पड़ाव है, जिसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ भारतीय संस्कृति, इतिहास और सनातन परंपराओं से जोड़ना है।

  • बिठूर के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के करेंगे दर्शन

यात्रा के दौरान श्रद्धालु ब्रह्माघाट, सीताघाट, प्राचीन शिव मंदिर, नानाराव पेशवा स्मारक, वाल्मीकि आश्रम और लव-कुश आश्रम के दर्शन करेंगे। ब्रह्मावर्त के नाम से प्रसिद्ध बिठूर का रामायण की सांस्कृतिक विरासत में विशेष स्थान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि तथा माता सीता और लव-कुश की स्मृतियों से जुड़ी पावन भूमि है। वहीं नानाराव पेशवा स्मारक श्रद्धालुओं को देश के गौरवशाली ऐतिहासिक और स्वतंत्रता संग्राम के अध्यायों से परिचित कराएगा।

  • जनसेवा के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रयास

डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल पर संचालित धार्मिक यात्रा श्रृंखला का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। अयोध्या यात्रा के जरिए 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर मिल चुका है। अब बिठूर यात्रा के माध्यम से 54 श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। यह पहल जनसेवा के साथ आस्था, सांस्कृतिक संरक्षण और भारतीय परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।