- समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को किया गया नमन
लखनऊ। शिक्षिका एवं समाजसेवी स्वर्गीय आशा मिश्रा के निधन से सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर है। उनका निधन 8 मई को हो गया था। आशा मिश्रा जीवनभर समाज सेवा से जुड़ी रहीं और समाज के वंचित, जरूरतमंद तथा उपेक्षित वर्गों की आवाज बनकर कार्य करती रहीं। उन्होंने अपने जीवन में सदैव सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता दी। समाज के कमजोर वर्गों के लिए उनकी सक्रियता और समर्पण को लोग आज भी याद कर रहे हैं।
आशा मिश्रा का व्यक्तित्व केवल एक शिक्षिका तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई थी। वे हर वर्ग के लोगों से जुड़ी रहती थीं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयास करती थीं। उनके निधन से परिवार ही नहीं बल्कि उन्हें जानने वाले सभी लोगों को गहरा आघात पहुंचा है।
उनके परिवार की बात करें तो उनके पति अशोक मिश्रा राजनीतिक क्षेत्र के प्रमुख चेहरों में रहे हैं और उन्होंने भी समाजहित में अनेक कार्य किए हैं। उनके दो पुत्र हैं, जिनमें बड़े पुत्र प्रांशु मिश्रा लखनऊ में हिन्दुस्तान समाचार पत्र के संपादक हैं, जबकि दूसरे पुत्र सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। परिवार की बहू आरती मिश्रा फिजियोथेरेपी चिकित्सक हैं और सामाजिक कार्यों में उनकी भी सक्रिय भागीदारी बताई जाती है।
स्वर्गीय आशा मिश्रा की स्मृति में कानपुर रोड स्थित सेक्टर-एच के गौतमबुद्ध पार्क में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजसेवी, राजनीतिक, प्रशासनिक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित हुए। सभा में उपस्थित लोगों ने आशा मिश्रा के जीवन, व्यक्तित्व और उनके सामाजिक योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि सभा में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह,राज्ससभा सांसद डॉ.दिनेश शर्मा,आईएएस राजशेखर,आईपीएस प्रकाश डी,लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार, नीरज बोरा विधायक सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय आशा मिश्रा के समाज के प्रति योगदान को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन से सेवा और समर्पण की जो मिसाल पेश की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। सभा के दौरान लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
