किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बोलीं-जो छक्का बोलकर चिढ़ाते थे, वह अब आशीर्वाद लेते हैं
(www.arya-tv.com)“6 महीने की मासूम बच्ची थी, जब मुझे पापा ने घर से निकाल दिया और किन्नरों को सौंप दिया। बचपन से ही लावारिश जैसी हो गई। किन्नरों की उस्ताद सलमा ने अपने बच्चों की तरह मेरा पालन-पोषण किया। मेरी उम्र 6-7 साल की होने पर सामान्य बच्चों के बीच में खेलने जाती तो वो बच्चे […]
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