पितांबरपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार रात वेंडरों के बीच मामूली विवाद के बाद मारपीट कर गंगा-सतलुज एक्सप्रेस पर पथराव करने वाले तीन आरोपियों को जीआरपी पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। जीआरपी ने सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
दरअसल, कानपुर निवासी रोहित पांडे वैध वेंडर हैं। वह गंगा-सतलुज एक्सप्रेस में खाने-पीने के सामान बिकवा रहा था। ट्रेन पितांबरपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची कि फरीदपुर के रहने वाले अरुण और रोहित भी ट्रेन में सामान बेचने के लिए चढ़ गए। रोहित ने आईडी दिखाने को कहा तो विवाद हो गया। देखते ही देखते हाथा -पाई शुरू हो गई। आरोप है कि इसी बीच रोहित ने दोनों पर गर्म पानी डाल दिया जिससे दोनों झुलस गए। गुस्साए अरुण और राहुल ने अपने दोस्तों को बुला कर रोहित पांडे की जमकर पिटाई की। रोहित पेंट्रीकार बंद कर जान बचाने को भागा। दोनों आरोपियों ने साथियों के साथ अंदर घुसने का प्रयास किया। असफल होने पर पथराव कर दिया जिससे गंगा-सतलुज एक्सप्रेस के चार शीशे टूट गए। खाने-पीने के सामान में भी कांच के टुकड़े गिर गए। डेढ़ घंटे तक सभी यात्री भी दहशत में रहे। कई यात्रियों ने कंट्रोल रूम और रेल मंत्रालय से मामले की शिकायत की तो अफसर हरकत में आए। जीआरपी ने ग्राम नवादा फरीदपुर निवासी अरुण, राहुल और मोहल्ला जरौली थाना बर्रा कानपुर नगर निवासी रोहित पांडे को गिरफ्तार कर लिया।
