नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने के आरोपी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कक्ष एक दिनेश तिवारी ने दोषी पाया है। दोषी को पांच साल के कारावास समेत दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की पूरी धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा ने कोतवाली सिविल लाइन में 21 अक्टूबर 2022 को तहरीर देकर बताया कि उदयवीर उर्फ वनदूका पुत्र गंगा सागर अपने बहनोई ओमप्रकाश पुत्र रामपाल के यहां गांव भगवतीपुर में रह रहा था। उसी दिन शाम लगभग सात बजे वह अपनी 9 साल की बेटी, उदयवीर के साथ गाड़ी में बैठकर रामलीला मेला देखने के लिए शहर आए थे। मेला देखने के बाद वह वापस लौट रहे थे। भूख लगने पर उन्होंने रास्ते में मेडिकल चौराहे के पास गाड़ी रुकवाई। बेटी को गाड़ी में छोड़कर वह खाना लेने ढाबे पर चले गए। रात 10 बजे वह लौटे तो उदयवीर गाड़ी के पास फार्म हाउस जाने वाले मार्ग किनारे उनकी बेटी का टॉप उठाकर गलत काम कर रहा था। उन्हें देखते ही बेटी चिल्लाई। उन्हें पास में आता देखकर उदयवीर गाड़ी में बैठकर तेजी से भाग गया। उन्होंने बेटी से जानकारी की तो पीड़िता ने बताया कि उदयवीर उसे गलत तरीके से छू रहा था। छेड़छाड़ करते हुए कपड़े निकाल रहा था। न्यायालय में उदयवीर उर्फ वनदूका पर नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप का मुकदमा चलाया गया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी व बचाव के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
