राम मंदिर में दर्शन करने के लिए मंगलवार को फिजी से 80 वर्ष के बुजुर्ग पर्यटक अयोध्या पहुंचे। अंतरराष्ट्रीय वाल्मीकि एयरपोर्ट से निकलते ही पवित्र धरती को छू कर प्रणाम कर जय श्री राम का उद्घोष किया। एयरपोर्ट पर उकेरी गई रामायण कालीन चित्र को देखकर भाव विभोर हुए।
बोले कि हमारे पुरखे राम-राम जपते-जपते फिजी गए थे। आज उनकी आत्मा को शांति मिल गई। उन्होंने बताया कि वहां फिजी में रामलीला, रामायण पाठ 145 साल से लगातार हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय वाल्मीकि एयरपोर्ट के निदेशक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि राम मंदिर बनने के बाद अयोध्या में विदेशी पर्यटकों की संख्या आठ गुना बढ़ी है।
मन की आंखों से किये आराध्य के दर्शन
भव्य राम मंदिर में बालक रामलला के दर्शन करने मंगलवार को हरियाणा से 30 दृष्टि बाधित बच्चे पहुंचे। बच्चे श्रीराम की प्रतिमा के समक्ष हाथ जोड़े, चेहरे पर अटूट विश्वास एवं श्रद्धा के भाव लिए नेत्र बंद किए खड़े हुए तो वहां मौजूद अन्य भक्त अपलक उन्हें ही निहारते रहे। रामलला के दर्शन के बाद इन बच्चों का उत्साह उल्लास बन कर जय श्री राम के जयकारों से फूट पड़ा। एक स्वर में बच्चों के बोल गूंज उठे – बोले ऐसा आभास हो रहा है जैसे हम स्वर्ग में आ गए हों। बच्चों ने कहा कि भगवान ने हम सभी को आज देख लिया है।
रामलला के दर्शन करने हरियाणा से पहुंचे दृष्टि बाधित 30 बच्चे
हरियाणा रोहतक से आई रानी हुड्डा अहलावत ने कहा कि नारी उदय फाउंडेशन व कपिल प्रकाश विद्यालय से श्री राम जी का दर्शन करने के लिए स्कूल के सभी दिव्यांग बच्चे को लेकर आए है। जो आंखों से नहीं लेकिन मन की आंखों से देख सकते हैं। सभी बच्चों ने दर्शन कर हनुमान चालीसा का पाठ किया है। बहुत अच्छा लगा बच्चे खुश है।
