संसद में हंगामे पर नाराज विदेश मंत्री ने कहा, राष्ट्रीय हितों के बारे में सुनने को तैयार नहीं तो फिर यह कैसा I.N.D.I.A

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(www.arya-tv.com) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को राज्यसभा में उनके बयान के बीच हुए हंगामे को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे अपने गठबंधन का नाम ‘इंडिया’ होने का दावा करते हैं, लेकिन अगर वे भारत के राष्ट्रीय हितों के बारे में सुनने को तैयार नहीं हैं तो फिर यह कैसा I.N.D.I.A हैं। वहीं, सदन के नेता पीयूष गोयल ने विपक्ष पर विदेश नीति को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया।

विपक्षी सदस्यों के लगातार हंगामे के बीच जयशंकर ने सदन में भारत की विदेश नीति की सफलताओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की विदेश यात्राओं के बारे में जानकारी दी। विदेश मंत्री ने सदन में हुए हगामे को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने पक्षपातपूर्ण राजनीति को प्राथमिकता दी है। जयशंकर ने कहा कि यह सिर्फ सरकार की उपलब्धि नहीं बल्कि देश के लिए एक उपलब्धि है।

भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को अन्य देशों से सर्वोच्च सम्मान मिलने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर आप राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का सम्मान नहीं कर सकते, अगर आप विदेश मंत्री को सदन में बोलने की अनुमति नहीं देंगे तो यह बहुत खेदजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हितों के मामले में राजनीति को अलग रखा जाना चाहिए।

सदन के नेता पीयूष गोयल ने राज्यसभा में गुरुवार को काले कपड़े पहन कर आए विपक्षी दलों के सदस्यों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने विपक्ष पर विदेश नीति को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया। कहा कि विपक्ष द्वारा विदेश नीति जैसे गंभीर विषय पर राजनीति करना ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ है तथा उनका विगत और वर्तमान ही नहीं भविष्य भी ‘काला’ है।

गोयल ने विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले कुछ महीनों में की गई विदेश यात्रा के बारे में दिए गए बयान का जिक्र करते हुए कहा कि यह बहुत ही ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ है कि इतने गंभीर विषय पर भी राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह भारत की अस्मिता से जुड़ा विषय है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की जो बढ़ती छवि है, उसके बारे में हमारे माननीय विदेश मंत्री ने बयान दिया है और इससे पूरे देश को अवगत कराया है। मैं समझता हूं कि काले कपड़े पहनने वाले लोग समझ नहीं पा रहे है कि देश की बढ़ती ताकत क्या है?

गौरतलब है, आज सदन में विपक्ष के सदस्य काले कपड़े पहनकर आए थे। विपक्षी सदस्यों ने मणिपुर के मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग और प्रधानमंत्री द्वारा इस विषय पर सदन में बयान नहीं देने के विरोध में काले कपड़े पहन रखे थे।

इसके बाद गोयल ने एक लिखा हुआ पर्चा पढ़ते हुए कहा कि जिनके मन में काला है, जिनके तन पर भी आज काला है, क्या छिपा है इनके दिल में, क्या इनके दिल में भी काला है, क्या शब्दों के बोल में काला है…क्या कारनामे हैं इनके, जो दिखाना नहीं चाहते और छिपाना चाहते हैं, वैसे तो आजकल काले कौवे भी इन पर आकर्षित होने लगे हैं। गोयल ने कहा कि इनका कल भी काला था, आज भी काला है और भविष्य भी काला है।

विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच उन्होंने दावा किया कि सत्ता पक्ष नकारात्मक सोच वाले लोग नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारा पूरा विश्वास है कि विपक्ष के जीवन में भी अंधेरा छंटेगा, इनको भी रोशनी दिखेगी, सूरज उगेगा… और एक विकसित और समृद्ध भारत के लिए कमल खिलता दिखेगा। गोयल ने कहा कि काला कपड़ा, काला काम, नहीं सहेगा हिंदुस्तान। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी हिंदुस्तानी इनके काले काम को सहन नहीं करेगा।

इस दौरान विपक्षी सदस्य ‘प्रधानमंत्री सदन में आओ’ के नारे लगा रहे थे। इसके जवाब में गोयल के बयान के बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने ‘काला कपड़ा, काला काम, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाने शुरू कर दिए।