इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए आंवला तहसील के भमौरा सहित दस गांवों की चिह्नित की गयी 1004 हेक्टेयर भूमि का शुक्रवार को उप्र एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल अथॉरिटी (यूपीडा) की टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने चिह्नित भूमि को इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए उपयुक्त पायी। टीम में शामिल अधिकारियों ने किसानों से भूमि क्रय करने की प्रक्रिया तेज करने की बात कही है।
दरअसल, मुख्यमंत्री के निर्देश पर बरेली सहित 26 जनपदों में एक हजार हेक्टेयर में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जाना है। यूपीडा के मुख्य प्रतिपालक अधिकारी का पत्र मिलने के बाद डीएम अविनाश सिंह ने सभी एसडीएम को मानकों के अनुसार भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट मांगी। इस पर एसडीएम आंवला विदुषी सिंह ने तहसील के भमौरा क्षेत्र में दस गांवों की भूमि चिह्नित कर विस्तृत रिपोर्ट डीएम को भेजी। यह भूमि गंगा एक्सप्रेस-वे से महज आठ किमी दूरी पर स्थित है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील आंवला की राजस्व टीम ने भूमि का चयन किया। प्रस्तावित भूमि ग्राम भमौरा, मकरन्दपुर ताराचन्दपुर, पखुरानी कुडढा, भीकमपुर, भरताना, हजरतपुर, यूसुफपुर, खुली व चांदपुर मटकी में स्थित है। भूमि नेशनल हाईवे-530 बी बरेली-मथुरा हाईवे के समीप और भमौरा आंवला स्टेट हाईवे-125 के दोनों तरफ स्थित है। कुछ दिन पहले डीएम ने भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया और समुचित प्रस्ताव यूपीडा के सीईओ को भेजा।
प्रस्ताव भेजने के कुछ दिन बाद शुक्रवार को यूपीडा के उच्चाधिकारियों की टीम बरेली पहुंची और एडीएम जे देश दीपक सिंह, एसडीएम आंवला विदुषी सिंह आदि संग भमौरा क्षेत्र में चिह्नित की गयी भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। कई घंटे तक टीम ने भूमि की जांच कर किसानों से बातचीत की। यूपीडा के उच्चाधिकारियों की टीम में चुनकू राम पटेल, बीडी वर्मा के साथ कंसल्टेंट एजेंसी शामिल थे।
इनके साथ अधिशासी अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता सिंचाई, अधिशासी अभियंता जल निगम, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र व राजस्व अधिकारी भी उपस्थित रहे। यूपीडा की टीम ने एक हजार हेक्टेयर में बनने वाले इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए भूमि उपयुक्त पायी। अब सीधे किसानों से भूमि क्रय करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
