ग़ज़लों की महफिल में डॉक्टरों ने बिखेरा सुरों का जादू, डॉ. अंकित अवस्थी की प्रस्तुति ने बांधा समां

Lucknow
  • ग़ज़लों की महफिल में डॉक्टरों ने बिखेरा सुरों का जादू, डॉ. अंकित अवस्थी की प्रस्तुति ने बांधा समां
  • ‘बज़्म 2026’ में संगीत और शायरी का अनूठा संगम, जगजीत सिंह की मशहूर ग़ज़ल सुनकर झूम उठे श्रोता

लखनऊ। नवाबों की नगरी में रविवार की शाम सुर, संगीत और शायरी के नाम रही। कैसरबाग स्थित कला मंडपम में VIBESss म्यूजिक ग्रुप की ओर से आयोजित ‘बज़्म 2026’ में डॉक्टरों ने अपनी गायन प्रतिभा से ऐसा समां बांधा कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं देने वाले डॉक्टरों ने मंच पर संगीत और गायकी के प्रति अपने जुनून का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण डॉ. अंकित अवस्थी की प्रस्तुति रही, जिन्होंने मशहूर ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह की लोकप्रिय ग़ज़ल ‘बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी’ को अपनी आवाज में पेश कर महफिल में चार चांद लगा दिए। उनकी सुरीली प्रस्तुति पर श्रोताओं ने खूब सराहना की।

  • मुंबई की गायिका और वायलिन वादन ने बांधा समां

संगीत संध्या में मुंबई से आईं गायिका डॉ. शिल्पा मल्लांदकर और वायलिन वादक संजीव राव ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से संगीत प्रेमियों का मन मोह लिया। वहीं डॉ. आशीष माथुर, डॉ. आलोक दीक्षित, डॉ. अर्चना दीक्षित और रश्मि त्रिपाठी सहित अन्य कलाकारों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जबलपुर से आए शायर आयुष चराग ने अपनी प्रभावशाली शायरी और संचालन से कार्यक्रम को खास बना दिया। ग़ज़लों, संगीत और शायरी के खूबसूरत मेल ने पूरी शाम को यादगार बना दिया।

  • चिकित्सा के साथ संगीत के प्रति जुनून की दिखी झलक

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि दिनभर मरीजों के उपचार और चिकित्सा सेवाओं में व्यस्त रहने वाले डॉक्टरों ने मंच पर अपनी कलात्मक प्रतिभा का परिचय दिया। ‘बज़्म 2026’ ने यह संदेश दिया कि डॉक्टरों की पहचान केवल चिकित्सा सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके भीतर कला, संगीत और साहित्य के प्रति भी गहरा लगाव है। सुरों और अल्फाजों से सजी इस शाम ने दर्शाया कि संगीत तनाव भरे जीवन में सुकून और सकारात्मक ऊर्जा का महत्वपूर्ण माध्यम है।