दीपावली पर मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थो की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान तेज कर दिया है। वाराणसी, आगरा और लखनऊ में मिठाई-नमकीन बनाने और बेचने वाले 86 प्रतिष्ठानों की जांच की गई। अनियमितताएं मिलने पर 71 सुधार नोटिस जारी किए गए और खाद्य पदार्थो के 30 नमूने लिए गए। गंभीर खामियों पर वाराणसी और आगरा के चार प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की गई, जबकि लखनऊ में राजस्थान वाला मिठाई प्रतिष्ठान बंद करा दिया गया।
खाद्य सुरक्षा टीमों ने मिठाई और नमकीन बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, दूध, खाद्य रंग, तेल, पेयजल और पैकेजिंग की जांच की। इसके अलावा निर्माण परिसर की साफ-सफाई, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण और मिठाइयों पर यूज बाय डेट अंकित होने की भी पड़ताल की गई।
लखनऊ में 29 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 24 सुधार नोटिस जारी किए गए। राजस्थान वाला मिठाई प्रतिष्ठान में गंदगी, दीवारों पर जाले और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता में कमियां मिलने पर कारोबार बंद करा दिया गया। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
वाराणसी में 30 प्रतिष्ठानों की जांच
वाराणसी में 30 प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान 28 सुधार नोटिस जारी किए गए और 15 नमूने लिए गए। गंदगी, जलजमाव, दीवारों पर जाले और मशीनों-बर्तनों की सफाई में कमी मिली। जल गुणवत्ता और पेस्ट कंट्रोल की रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी। इन खामियों के आधार पर लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की गई।
आगरा में तीन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
आगरा में 27 प्रतिष्ठानों की जांच कर 19 नोटिस जारी किए गए और 15 नमूने लिए गए। कमला नगर स्थित बांके बिहारी मिष्ठान भंडार और सेठ गली स्थित हीरा हलवाई में गंदगी, जलजमाव और साफ-सफाई में कमियां मिलीं। छीपी टोला स्थित पुष्पक स्वीट्स में बोरैक्स पाउडर मिला। खाद्य पदार्थों में इसके अनधिकृत इस्तेमाल को गंभीर अनियमितता मानते हुए तीनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की गई।
