- नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर जोन-3 और जोन-6 में सेक्टरवार सफाई, डीसिल्टिंग, फॉगिंग और स्वास्थ्य सुरक्षा के कार्य तेज
लखनऊ। बाढ़ का पानी उतरते ही लखनऊ नगर निगम ने प्रभावित इलाकों में सफाई और बीमारियों की रोकथाम के लिए अभियान तेज कर दिया है। नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर जोन-3 और जोन-6 में जीआईएस मैपिंग के आधार पर तैयार कार्ययोजना के तहत सेक्टरवार सफाई, जलनिकासी और दवा छिड़काव कराया जा रहा है। अब तक दोनों जोनों में कुल 80 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा चुका है। प्रभावित क्षेत्रों में जमा कीचड़, मिट्टी और गंदगी हटाने के साथ नालियों की सफाई, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और फॉगिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
- ड्रोन से 80 एकड़ में दवा का छिड़काव
बाढ़ के बाद मच्छरों के प्रजनन और संक्रामक बीमारियों के खतरे को देखते हुए नगर निगम की टीमें प्रभावित इलाकों में एंटी लार्वा छिड़काव और सैनिटाइजेशन कर रही हैं। जोन-3 के फैजुल्लागंज, लोहरामऊ, पतंग मैदान, गणेश बाग, सन्मंत विहार और मिल्लत नगर में ड्रोन से दवा का छिड़काव कराया गया। घैला रोड पर टैंकर के माध्यम से एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया, जबकि दाउदनगर की 60 फीट रोड पर सोडियम हाइपोक्लोराइट और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने के साथ सफाई एवं झाड़ियों की कटाई कराई गई। मामा कॉलोनी और पुराने दाउदनगर की जलस्तर घटने वाली गलियों में भी सफाई और नालियों की सफाई का काम जारी है।
- जोन-3 और जोन-6 में सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर
जोन-6 के सैथा, हयात नगर, टांड़खेड़ा और दौलतखेड़ा सहित बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई के साथ ब्लीचिंग पाउडर, चूने और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। हरि नगर और मिश्री की बगिया में भी स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। हयात नगर और दौलतखेड़ा में सड़क किनारे की नालियों की सफाई कराई गई है। नगर निगम की टीमें जलस्तर कम होने के अनुसार गलियों में जमा कीचड़ और गंदगी हटा रही हैं, ताकि जलनिकासी बेहतर हो और स्थानीय लोगों को जल्द सामान्य परिस्थितियां मिल सकें।
- नगर आयुक्त ने निरीक्षण कर दिए निर्देश
नगर आयुक्त गौरव कुमार ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर मौके पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों से पानी उतर चुका है, वहां मड पंप लगाकर डीसिल्टिंग का काम तेज किया जाए। सड़कों, गलियों और नालियों में जमा मिट्टी, कीचड़ और गंदगी हटाने के साथ ब्लीचिंग पाउडर, एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों और मानवबल का प्रभावी उपयोग करते हुए सफाई कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया।
- जीआईएस मैपिंग से तय हुई जिम्मेदारी
प्रभावित क्षेत्रों में सफाई अभियान को व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने के लिए जीआईएस मैपिंग के आधार पर सेक्टरवार कार्ययोजना लागू की गई है। इंजीनियरिंग, स्वास्थ्य और जलकल विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रत्येक प्रभावित गली में सुपरवाइजर और सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। अभियान को गति देने के लिए अन्य जोनों से अतिरिक्त मानवबल जुटाने के साथ एलएसए और एलएसजी के कर्मचारियों की सेवाएं भी ली जा रही हैं। नगर निगम का जोर जलभराव के बाद उत्पन्न गंदगी को हटाने, जलनिकासी सुधारने और मच्छरों के प्रजनन पर नियंत्रण के जरिए प्रभावित इलाकों में स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।
