नई दिल्ली। यूट्यूबर और कार्यकर्ता ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिए जाने के मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए अपने ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन की शुरुआत करने की घोषणा की है। संगठन ने ध्रुव राठी समेत जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिए गए सैकड़ों युवाओं को तत्काल रिहा करने की मांग की है।
कॉजपा ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि सरकार मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के खिलाफ उठने वाली लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में दमनकारी कार्रवाई कर रही है। संगठन ने ध्रुव राठी, छात्र कार्यकर्ताओं और अन्य हिरासत में लिए गए नागरिकों की बिना शर्त रिहाई की मांग की।
‘जंतर-मंतर 2.0’ से तेज होगा विरोध, ज्ञानेश कुमार पर निशाना
कॉजपा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर ‘जंतर-मंतर 2.0’ आंदोलन शुरू होने की घोषणा की। संगठन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए लिखा, ”ज्ञानेश कुमार, वोटों की चोरी में मदद करने का आपका दौर अब खत्म हो गया है।”
संगठन का कहना है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए यह प्रदर्शन शुरू किया गया है। कॉजपा ऑनलाइन माध्यम से उभरा संगठन है। कुछ सप्ताह पहले तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से जुड़े घटनाक्रम में भी इसकी भूमिका सामने आई थी।
प्रदर्शनकारियों के लिए 12 सूत्रीय दिशा-निर्देश जारी
‘जंतर-मंतर 2.0’ के बीच कॉजपा ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों के लिए 12 सूत्रीय दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने, उकसावे से बचने और कानून के निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया गया है।
संगठन ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा, टकराव, धमकी या डराने-धमकाने जैसी गतिविधियों में शामिल न हों। साथ ही सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने, पथराव और आगजनी से दूर रहने तथा अवरोधकों को पार करने की कोशिश नहीं करने की हिदायत दी गई है।
लाठी-पत्थर और अफवाहों से दूर रहने की अपील
कॉजपा ने आंदोलनकारियों से कहा है कि वे अपने साथ लाठी, पत्थर या ज्वलनशील पदार्थ लेकर न आएं। प्रदर्शन के दौरान एंबुलेंस, दमकल वाहनों और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता खुला रखने की भी अपील की गई है। संगठन ने सांप्रदायिक गाली-गलौज, घृणा फैलाने वाली भाषा और अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, पत्रकारों या आम नागरिकों पर व्यक्तिगत हमलों से बचने को कहा है। इसके अलावा अपुष्ट दावों, भ्रामक वीडियो और अफवाहों को साझा नहीं करने की हिदायत दी गई है, ताकि किसी तरह की दहशत या शत्रुता न फैले।
हिरासत में लिए जाने पर कानूनी सहायता लेने की सलाह
कॉजपा ने प्रदर्शनकारियों को कानूनी निर्देशों का पालन करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है। संगठन के मुताबिक, पुलिस से बातचीत के दौरान शांत रहना चाहिए और शारीरिक रूप से विरोध नहीं करना चाहिए।
दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि यदि किसी प्रदर्शनकारी को हिरासत में लिया जाता है, तो वह हिरासत का कारण पूछे और कानूनी सहायता ले। संगठन ने ध्रुव राठी और अन्य हिरासत में लिए गए लोगों की तत्काल रिहाई की मांग दोहराई है।
