पंजाब के फरीदकोट में फाजिल्का पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस विभाग ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए कनाडा से लौटे 28 साल युवक नवजोत सिंह को दो जिंदा ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया है. ये कार्रवाई बाबा फरीद के आगमन पर्व से ठीक पहले की गई, जिससे पंजाब को दहलाने की एक गंभीर साजिश टल गई. पुलिस के अनुसार, नवजोत सिंह हाल ही में 12 सितंबर को कनाडा से वापस भारत आया था, जहां उसके पास वहां की पीआर पात्रता भी है.जांच में सामने आया है कि आरोपी नशे का आदी है और पैसों की जरूरत को पूरा करने के लिए वो पाकिस्तानी आतंकी संगठनों और भारत विरोधी तत्वों के संपर्क में आ गया था. उसने पाकिस्तान से मंगवाई गई विस्फोटक सामग्री को पंजाब में दहशत फैलाने और देश की एकता व अखंडता को भंग करने के उद्देश्य से एकत्र किया था.
UAPA के तहत दर्ज हुआ केस
पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर फाजिल्का में नाकाबंदी कर आरोपी को काबू किया. आरोपी के खिलाफ एक्सप्लोसिव सबस्टेंस एक्ट और UAPA के तहत मामला दर्ज कर पुलिस रिमांड ले लिया गया है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सुरागों का पता लगाया जा सके. पंजाब पुलिस अब ये पता लगाने में जुटी है कि क्या आरोपी बाबा फरीद मेले की भीड़ पर हमला करने की प्लानिंग पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर तो नहीं कर रहा था.
बाबा फरीद आगमन पर्व या बाबा शेख फरीद का मेला पंजाब के फरीदकोट जिले में मनाया जाने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक त्योहार है.
5 दिनों के लिए आयोजित किया जा रहा है मेला
यह उत्सव 12वीं-13वीं सदी के महान सूफी संत बाबा शेख फरीद जी की याद में और उनके फरीदकोट आगमन के उपलक्ष्य में हर साल मनाया जाता है. ये मेला हर साल सितंबर के महीने में 19 सितंबर से 23 सितंबर तक मुख्य रूप से 5 दिनों के लिए आयोजित किया जाता है. फरीदकोट स्थित गुरुद्वारा टिल्ला बाबा फरीद और गुरुद्वारा माई गोदड़ी साहिब इस उत्सव के मुख्य केंद्र होते हैं. ये पर्व केवल एक धार्मिक सभा नहीं, बल्कि एक बड़े सांस्कृतिक महोत्सव का रूप ले चुका है, जिसे देखने देश-विदेश से लोग आते हैं.
पंजाब पुलिस अब ये पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास ये हैंड ग्रेनेड कहां से पहुंचे थे. साथ ही उन स्लीपर सेल का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है जो कि पंजाब में एक्टिव है और पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर काम कर रहे हैं.
